Get rid of smoking : धुम्रपान सेहत के लिए कितना हानिकारक है, ये बात सभी जानते हैं। धूम्रपान करने वाले को कैंसर, टीबी, लंग्स इंफेक्शन जैसी अनैकों बीमारियां होने का खतरा एक आम इंसान के मुकाबले 90 फीसदी बढ़ जाता है।
भोपालः ये बात तो सभी जानते हैं कि, धुम्रपान सेहत के लिए कितना हानिकारक है। धूम्रपान करने वाले को कैंसर, टीबी, लंग्स इंफेक्शन जैसी अनैकों बीमारियां होने का खतरा एक आम इंसान के मुकाबले 90 फीसदी बढ़ जाता है। स्कूल कॉलेज के युवाओं में धूम्रपान की लत नज़र आना एक आम बात हो गई है। वैसे तो धूम्रपान का नुकसान किसी भी आयु वर्ग के व्यक्ति को होता है। लेकिन, कम उम्र में इसी लत पालने वाले युवाओं में इसके दुष्प्रभाव स्वरूप शारिरिक विकास भी रुक जाता है। जिसके चलते कमजोरी, यौन रोग, थकान, सहनशीलता, रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होना, जैसी गंभीर समस्याएं काफी तेज़ी से अपने पैर फैला रही हैं।
कई लोग धूम्रपान के शुरुआती दुष्प्रभावों को भांपते हुए धूम्रपान की लत छुड़ाने के लिए कई तरह के महंगे सस्ते ट्रीटमेंट कर लेते हैं, लेकिन इनमें से ज्यादातर लोग धूम्रपान की लत छुड़ाने में सफल नहीं हो पाते। धूम्रपान की लत से पीछा छुड़ाने का सबसे शुरुआती स्तर है खुद से दृण निश्चय, यानी ये कि, जीवन में किसी भी तरह की परिस्थिति आए धूम्रपान ना करने के संकल्प को नहीं तोड़ूंगा। इसके बाद ही आप किसी उपचार में सफल हो सकते हैं। अकसर, धूम्रपान करने वालों को एक बड़ी गलतफहमी भी होती है, कि धूम्रपान छोड़ने के बाद स्वास्थ्य गिरने लगता है और शरीर में सुधार होने में बहुत समय लगता है। हालांकि, यह सच नहीं है।
धूम्रपान छोड़ने के लिए आयुर्वेदिक उपचार
आयुर्वेद के अनुसार, निकोटीन का अत्याधिक मात्रा में सेवन शरीर के लिए हानिकारक है, इसे धूम्रपान करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, शरीर पर इसका प्रभाव नकारात्मक होता है। निकोटीन में कुछ ऐसे नकारात्मक गुण होते हैं जो शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। वात मानव शरीर की चिंता को शांत करने के लिए धुआं पसंद करता है और चिंता से व्याकुलता शांत करने के लिए व्यक्ति धूम्रपान करता है। पित मानव शरीर में अग्नि गुणों को पसंद करता है, इसे अधिक शक्तिशाली महसूस करवाने के लिए धूम्रपान का सहारा लिया जाता है। कफ मानव शरीर उत्तेजक शक्ति पसंद करता है जो धूम्रपान से प्राप्त किया जा सकता है। धूम्रपान छोड़ने के आयुर्वेदिक तरीकों में से एक खुद धूम्रपान करना है। इसे धुतना या आयुर्वेदिक हर्बल धूम्रपान के रूप में जाना जाता है।आयुर्वेद के अनुसार, जो व्यक्ति अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखना चाहता है उसे हर्बल धूम्रपान करना चाहिए।
ये घरेलू चीजें छुड़ाएंगी धूम्रपान की लत
-अजवायन
जब आपको धूम्रपान की लालसा हो तो अजवायन के कुछ बीज लें और उन्हें चबाएं। शुरू में यह मुश्किल हो सकता है लेकिन नियमित रूप से चबाने से धूम्रपान करने की लत को दूर करने में मदद मिलेगी।
-दालचीनी
तंबाकू की लत छुड़ाने में दालचीनी मदद करती है। जब भी आपको धूम्रपान या तम्बाकू या संबंधित चीजों की लालसा उत्पन्न हो तब आप दालचीनी का एक टुकड़ा लें और थोड़ी देर के लिए चूसते रहें। इससे आपको स्मोकिंग छोड़ने में मदद मिलेगी।
-कॉपर के बर्तन पानी पीएं
कॉपर कंटेनर में रखा हुआ पानी पीने से शरीर में जमा हुए विषाक्त को निकालने में मदद मिलती है और समय की अवधि के साथ धूम्रपान या तम्बाकू के इस्तेमाल की लालसा भी कम हो जाती है।
-त्रिफला
त्रिफला विषाक्त तत्वों को साफ़ करता है और विषैले धूम्रपान और तंबाकू के इस्तेमाल की लालसा को भी कम करता है। हर रात त्रिफला का एक बड़ा चमचा पानी के साथ लेकर सोने से शरीर को आराम मिलता है और मन भी शांत रहता हैं।
-तुलसी पत्तियां
तुलसी पत्तियों को चबाने से धूम्रपान या तंबाकू के उपयोग की लालसा कम होती है, हर सुबह और शाम लगभग 2-3 तुलसी के पत्ते लें और उन्हें चबाएं। ऐसा करने से धूम्रपान की लत छूट जाती है।
-कैलमास
कैलमास एक प्रकार की आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी कैलमास धूम्रपान की लत को दूर करने में मददगार है। घी के साथ कैलमास के पाउडर की एक चम्मच मिलाएं और इसे खालें। ऐसा करने से शरीर को धूम्रपान की लत से छुटकारा मिलता है।
-अदरक, आमला, हल्दी
अदरक, आमला और हल्दी पाउडर से तैयार किये गए पाउडर को खाने से धूम्रपान या तंबाकू के उपयोग की लालसा कम होती है। अदरक, आमला, हल्दी के पाउडर में थोड़ा सा पानी मिलाकर उसके लड्डू बना लें और उस लड्डू को मुँह में रखकर चूसें। इससे आपको धूम्रपान छोड़ने में मदद मिलेगी।
-अश्वगंधा
अश्वगंधा शरीर को विषाक्त पदार्थों से छुटकारा दिलाने में मदद करता है। यह चिंता का स्तर और तंबाकू की लत के विभिन्न रूपों को कम करने में भी मदद करता है। 450 मिलीग्राम अश्वगंधा की जड़ों से तैयार किए गए पाउडर को पानी के साथ मिलाकर पीने से धूम्रपान की लत छूट जाती है।