भोपाल

मुकद्दस रमजान में इबादत के साथ सोशल मैनेजमेंट, शहर काजी की लोगों से खास आपील

Ramadan 2025 : संपत्ति का ढाई फीसद देना होता है जकात। शहर काजी मोल्वी मुश्ताक साबितशुक्रवार को चांद नहीं दिखा, ऐसे में पहला रोजा 2 मार्च को रखा जाएगा।
2 min read
Ramadan 2025

Ramadan 2025 : माह - ए - रमजान का मुकद्दस महीना आज से शुरू हो रहा है। इस पवित्र महूने के जरिए इस बार रोजा और इबादत के साथ सोशल मैनेजमेंट को बढ़ाने की तैयारी भी है। उलेमा और सामाजिक संगठनों ने सदका और जकात (दान) की राशि जरूरतमंदों की मदद के साथ तालीम (शिक्षा) को बढ़ाने में इस्तेमाल करने का फैसला लिया है।

रमजान में जकात देने वालों की संख्या 5 गुना बढ़ जाती है। जकात इस्लाम के 5 स्तंभों में से एक है। इस राशि का उपयोग समाज की भलाई खासतौर से तालीम के लिए करने पर जोर दिया गया। इस पहल से राशि को ऐसे सोशल सेक्टर में उपयोग किया जाएगा, जो सीधे लोगों से जुड़े हैं। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल शहर काजी मोलवी मुश्ताक अली ने बताया कि पहला रोजा 2 मार्च को होगा।

किसे दी जाती है जकात?

जकात जरूरतमंदों की मदद का एक जरिया है। एक ऐसा संपन्न व्यक्ति, जो मानसिक रूप से स्वस्थ्य है और जिस पर कोई कर्ज नहीं हो, वो जकात दे सकता है। उसे अपनी संपत्ति का कुल ढाई प्रतिशत सालाना जकात के रूप में गरीब, जरूरतमंद, आर्थिक रूप से कमजोर बेसहारा व्यक्ति को ये राशि अदा करनी होती है। जरूरतमंदों तक इस राशि को पहुंचाने के उद्देश्य से कई लोग इसे संगठनों में जमा कराते हैं।

रोजगार को भी बढ़ावा

जमीयत उलेमा के इमरान हारून ने बताया, जकात से रोजगार को बढ़ाने का काम किया। छोटे स्तर पर कुछ लोगों को मदद देकर रोजगार से जोड़ा जा रहा है।

काजी-ए-शहर की अपील

भोपाल शहर काजी मुश्ताक अली नदवी ने कहा कि, रमजान के दिनों में इबादत की पाबंदी करें। रोजे रखें। सदका और जकात दें, ताकि जरूरतमंदों की मदद हो। वे भी ईद मना सकें।

Updated on:
01 Mar 2025 12:41 pm
Published on:
01 Mar 2025 12:41 pm