
MP Weather- राजधानी भोपाल में बुधवार को शाम को मात्र कुछ मिनट की बारिश ने पूरे शहर की स्पीड को थाम दिया। 300 से 600 मीटर ऊंचाई पर काले घने बादल बने और बारिश के बाद पूरा शहर पानी- पानी हो गया। रात्रि 8:30 बजे तक 33 मिमी बारिश दर्ज की गई है। बारिश से शहर की रफ़्तार थम गई, पुराने भोपाल में बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति बनी। मौसम विभाग के अनुसार भोपाल में ढाई घंटे की अवधि में कुल सवा इंच पानी गिर गया। विशेषज्ञों के अनुसार दक्षिण पश्चिम हवा सक्रिय हो गई जिससे प्रदेशभर में मौसम का मिजाज बिगड़ा है। करीब 2, 3 दिनों तक मौसम ऐसा ही बना रहने की संभावना है। इसी के साथ राजधानी व अन्य जिलों में मानसून भी दस्तक देगा।
एक्सपर्ट व्यू: ऐसे होते हैं मानसून आगमन के संदेश
मौसम विशेषज्ञ एके शुक्ला के अनुसार किसी स्थान में मानसून का आगमन इस बात पर निर्भर करता है कि पृथ्वी की ऊर्जा 200 वॉट प्रति वर्गमीटर से कम हो, हवा की दिशा दक्षिण पश्चिम होना चाहिए, तीसरा 4 किमी की ऊंचाई तक हवा की आद्र्रता होनी चाहिए, साथ ही उस क्षेत्र में बारिश की गतिविधि होना चाहिए, इसके बाद ही मानसून आगमन माना जाता है।
विशेषज्ञ एके शुक्ला का कहना है कि अभी मध्यप्रदेश के दक्षिणी हिस्से में मानसून आ गया है। भोपाल में भी बारिश की गतिविधियां चल रही है। मौसम विशेषज्ञ एके शुक्ला ने ऐसे माहौल में अगले 24 घंटे में भोपाल में मानसून प्रवेश की पूरी संभावना जताई है।
प्रदेश के दक्षिणी हिस्से के साथ भोपाल से महज 70 किमी दूर पड़ोसी जिला नर्मदापुरम तक मानसून की दस्तक हो गई है। ऐसे में राजधानी से अब मानसून ज्यादा दूर नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे में शहर में भी मानसून की दस्तक हो सकती है। इस प्रकार अगले दो तीन दिन मौसम का मिजाज इसी तरह रहने की संभावना है।
बुधवार को हुई बारिश ने एक बार व्यवस्था की पोल खोल दी। अपर्याप्त और चोक ड्रेनेज सिस्टम के कारण देखते ही देखते सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे जलभराव की गंभीर स्थिति बन गई। रही-सही कसर शहर में जगह-जगह चल रहे निर्माण कार्यों ने पूरी कर दी। सड़कों पर बिखरी निर्माण सामग्री और कीचड़ के चलते वाहन चालक रेंगते नजर आए। इस अव्यवस्था के कारण प्रमुख चौराहों पर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिसमें एंबुलेंस और दफ़्तर से लौट रहे लोग घंटों फंसे रहे।