
Debt of 103 lakh crore on SCSC of mp (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया एक्स)
MP Debt -हरिचरण यादव भोपाल. वित्तीय प्रबंधन को ठीक करने निकले मध्यप्रदेश की मुश्किलें कम नहीं हो रहीं। कई सरकारी कॉर्पोरेशन व संस्थाएं करोड़ों के कर्ज में डूबी हैं। इसमें बड़ा नाम स्टेट सिविल सप्लाई कार्पोरेशन (एससीएससी) का है। एससीएससी पर 103 लाख करोड़ का कर्ज है। इस पर रोज 23.20 करोड़ रुपए का ब्याज लग रहा है। गेहूं व धान खरीदी के सीजन को छोड़ दें तो एससीएससी की रोज की कमाई जीरो है। हालांकि खरीदी के समय यह कमीशन के रूप में करोड़ों रुपए कमाता है। लेकिन यह राशि मूलधन की जगह ब्याज चुकाने में जा रही है।
कॉर्पोरेशन पर जनवरी 2024 की स्थिति में 40,380 करोड़ रुपए कर्ज था, जो विभिन्न बैंकों से लेकर निकाला जा चुका था। तब इस कर्ज पर रोज 8.99 करोड का ब्याज लग रहा था। रिपोर्टों के मुताबिक अप्रेल 2026 तक कर्ज बढ़कर 103 लाख करोड़ पहुंच गया। अब इस पर रोज 23.20 करोड़ रुपए ब्याज लग रहा है।
कर्ज की यह राशि जुलाई में 50 करोड़ रुपए तक और बढ़ सकती है। हैरत यह है कि 28 माह पहले कर्ज पर जो �याज 8.99 करोड़ रुपए रोज लग रहा था, वह अब 23.20 करोड़ लग रहा है।
गेहूं खरीदी के दौरान पूर्व मंत्री व भाजपा विधायक अजय विश्नोई ने बारदानों की खरीदी में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। कहा था, पुराने बारदाने प्रति बोरा 54.20 में खरीदी जा रही है। ये दाम क्र20 अधिक थे। बाद में सीएस ने टेंडर रद्द कर बारदाने 37.20 रुपए में खरीदे।
कॉर्पोरेशन जो खरीदी करता है, उसके बदले हर साल मोटी राशि कमीशन मिलती है। फिर भी इतना कर्ज क्यों लिया जा रहा?
जो कर्ज जनवरी 2024 में 40,378 करोड़ था, वह मई 2026 तक 28 माह में ही बढ़कर 103 लाख करोड़ कैसे हो गया?
व्यवसाय करने के लिए कॉर्पोरेशन को आरबीआइ कर्ज देता है। सरकार से भी बोनस भी मिलता है। फिर बार-बार कर्ज क्यों ले रहे?
केंद्र की समर्थन मूल्य नीति के तहत जो अनाज खरीद रहे, उसे कॉर्पोरेशन द्वारा एफसीआइ, सरकार को पीडीएस में देता है, बदले में शुद्ध राशि मिलती है, फिर कर्ज क्यों?
खाद्य नागरिक आपूर्ति विभाग की एसीएस, रश्मि अरुण शमी के अनुसार कॉर्पोरेशन पहले से ज्यादा अनाज खरीद रहा है। खरीदी कर्ज पर टिकी है। पंजाब में अनाज खुले में होता है। मप्र में अनाज गोदामों में सुरक्षित मान एफसीआइ उठाने में देरी करता है। तब राशि मिलती है और कर्ज चुकाते हैं। वित्तीय प्रबंधन में गड़बड़ी नहीं है।
Updated on:
25 Jun 2026 08:09 am
Published on:
25 Jun 2026 08:08 am
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