
भोपाल। नगर निगम का बजट खर्च इस बार 22 अरब से ऊपर पहुंच रहा है, जबकि कमाई के स्रोत सात अरब रुपए से अधिक नहीं बढ़े हैं। ऐसे में भाजपा की निगम परिषद विकास के पुराने प्रस्ताव को बरकरार रखना चाहती है, जबकि निगम प्रशासन इसके पक्ष में नहीं है। नतीजा तनातनी शुरू हो गई है। महापौर आलोक शर्मा का कहना है कि बजट को लेकर निगमायुक्त ने मेरे साथ दो से तीन बैठकें की हैं। 28 फरवरी को होने वाली बजट बैठक के लिए अब तक एजेंडा जारी नहीं हुआ है। कहा जा रहा है कि मार्च में यानी लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के ऐन पहले बजट आएगा। निगम प्रशासन ने अपने बजट के पूरे पत्ते महापौर के सामने नहीं खोले हैं।
मेरे साथ हुईं तीन बैठकों में काफी चीजें स्पष्ट नहीं की गई हैं। कांग्रेस विधायक और मंत्री क्षेत्र के प्रस्ताव शामिल कराना चाहते हैं। मेरी अनुमति बिना कुछ नहीं होगा।
आलोक शर्मा, महापौर
हमने महापौर के साथ अब तक छह बैठकें की हैं। सभी विभागों के अफसर भी शामिल थे। सभी से चर्चा करके ही बजट तैयार किया जा रहा है।
बी. विजय दत्ता, निगमायुक्त
राजधानी में बदले जा रहे हैं 8 हजार खंभे व पुरानी लाइनें
राजधानी में सीमेंट और लोहे के क्षतिग्रस्त 8000 खंभों के साथ पुरानी 600 किमी लाइन बदली जा रही है। कोलार में 23 करोड़ खर्च कर 2300 खंभे हटाए जाएंगे। यहां 50 किमी एलटी और 15 किमी 11 केवी लाइन नई डाली जाएगी।
शहर के 80 से अधिक क्षेत्रों में बिजली कंपनी ने 10 हजार टेढे़-मेढ़े और पुराने खंभे चिह्नित किए थे। इनके कारण हादसों की आशंका बनी रहती है। अब लोहे के नए खंभों के साथ एरियल बंच केबल डलने से दुर्घटना और बारिश-आंधी में बिजली गुल की दिक्कत से निजात मिल जाएगी।