
भोपाल. देश के सफल और प्रतिष्ठित स्टार्ट-अप उद्यमियों के द्वारा शनिवार को राजधानी भोपाल के स्मार्ट सिटी ऑफिस बी-नेस्ट द इन्क्युबेशन सेंटर में 'ऑर्डिनरी पीपुल-एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी ड्रीम्स'' की टैग लाइन पर स्टार्ट-अप कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया गया। इस दौरान सफल उद्यमियों ने युवाओं का मार्गदर्शन करते हुए कई टिप्स दिए जिससे सफल उद्यमी बनने में युवा सफलता हासिल करें।
100 करोड रुपए का फंड घोषित
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक-दिवसीय कॉन्क्लेव का शुभारंभ करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश की सभी स्मार्ट सिटी में स्टार्टअप इनक्यूबेशन सेंटर खोले जाएंगे। मध्य प्रदेश सरकार में इस साल तक के लिए 100 करोड रुपए का फंड घोषित किया है। स्टार्ट अप करने वाले विद्यार्थियों को दस लाख रुपए तक का लोन सरकार अपनी गारंटी पर दिलाएगी। साथ ही बिना टेंडर के स्टार्ट up करने वाले युवाओं से सरकार तीस लाख तक की खरीदी करेगी।
मालवा को रेगिस्तान से बचाया
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 10 साल पहले तो प्रदेश में फोन और लैपटॉप की बैटरी चार्ज करने के लिए भी बिजली नहीं थी। शिवराज ने कहा कि "मेरे अमेरिका से सड़कों की तुलना करने वाले बयान पर मजाक उड़ाकर विपक्ष ने अपनी मानसिकता दिखाई है।" सीएम ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कांग्रेस को नदियों से नदीं जोड़ने की योजना भी मजाक लगती थी। भाजपा सरकार ने मालवा में नर्मदा नदी लाकर मालवा को रेगिस्तान बनने से बचाया है।
मध्यप्रदेश में अच्छे स्टार्टअप की शुरूआत
नीति आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि अब छोटे बच्चे भी रोबोटिक साइंस और रोबोट से प्रिंट होने वाली मशीनों के बारे में पढ़ रहे हैं हमें पूरे दुनिया को अपना बाजार मानकर चलना है। नीति आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि हमें अमेरिका से हर काम की तुलना नहीं करना चाहिए। अमेरिका ड्राइवरलेस कार की तरफ जा रहा है अभी हम ओला और उबर के आगे नहीं बढ़ पाए हैं।
उन्होंने कहा कि अमेरिका के अपने चैलेंज है और भारत के अपने। दोनों को अपनी-अपनी समस्या अपने-अपने तरीके और संसाधनों से हल करनी है। इसलिए हर काम में परिणाम की तुलना अमेरिका और फ्रांस जर्मनी से नहीं करनी चाहिए। भारत में खासकर मध्यप्रदेश में ही अच्छे स्टार्टअप शुरू हो रहे हैं।
नाराज हो गए पूर्व मुख्यमंत्री गौर
स्मार्ट सिटी कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर बहुत देर तक अकेले बैठे रहे। तवज्जों नहीं मिलने के बाद कार्यक्रम खत्म होने से पहले ही पूर्व मूख्यमंत्री गौर उठ कर चले गए। जानकारों का कहना है कि पीएम मोदी के भोपाल दौरे के बाद से ही बाबूलाल गौर और शिवराज में पहले से ही अनबन चर रही।