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Bhopal news: बारिश के मौसम में सांपों से रहें सावधान, जरूर बरतें ये 5 सावधानियां

Snake bite: बारिश में भोपाल में सांपों का खतरा बढ़ा, एक सप्ताह में 225 सांप रेस्क्यू। कई स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध नहीं, इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर हो रहे मरीज।
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Snake bite: 225 सांपों का रेस्क्यू (Photo Source - Patrika)

Snake bite: 225 सांपों का रेस्क्यू (Photo Source - Patrika)

Bhopal news: बारिश के मौसम में एमपी के भोपाल शहर में सांपों का खतरा तेजी से बढ़ गया है। सांप अब घरों, आसपास की झाड़ियों और रिहायशी इलाकों में निकल रहे हैं। अस्पतालों में सर्पदंश के मरीज बढ़ रहे हैं। इलाज की अपर्याप्त व्यवस्था के मामले भी सामने आ रहे हैं। पिछले एक स्पताह में हमीदिया, जेपी और जिले के सिविल अस्पतालों में सर्पदंश के 32-35 मरीज गए हैं। पिछले एक सप्ताह में भोपाल के विभिन्न क्षेत्रों के घरों से 225 सांपों का रेस्क्यू किया गया। स्नेक कैचरों के अनुसार हर रोज सांप पकड़े के लिए 40 से 50 कॉल आ रहे हैं।

समय पर इलाज बड़ी चुनौती

सर्पदंश के उपचार में एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) सबसे प्रभावी दवा है, लेकिन नजीराबाद व बैरसिया सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, अरेरा कॉलोनी, बरखेड़ा पठानी और खजूरी कला प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में एंटी स्नेक वेनम नहीं मिल रहा है। इन केन्द्रों में सर्पदंश का उपचार करने वाले विष विज्ञान (टॉक्सिकोलॉजी) प्रशिक्षित या ओफियोलॉजी के अनुभव डॉक्टर और चिकित्सा भी नहीं हैं। गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल या बड़े मेडिकल कॉलेजों में रेफर किया जा रहा है। हाल ही में आठ वर्षीय एक बच्चे को घर मे सांप दंश लिया। गंभीर स्थिति में उसे हमीदिया में भर्ती करना पड़ा। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में एंटी वेनम के 17000 डोज वितरित किए गए हैं।

घरेलू उपचार पड़ सकरा है भारी

बीएमएचआरसी के डॉ. ललित कुमार ने सर्पदंश के बाद घरेलू इलाज में समय नहीं गंवाने के लिए चेताया है। उन्होंने कहा कि प्रभावित अंग को कम हिलाएं-डुलाए मरीज को शांति से जल्द से जल्द अस्पताल ले जाएं। सर्पदंश वाले हिस्से को काटने, जहर चूसने या रस्सी से कसकर बांधने जैसी गलतियां नहीं करने की सलाह है।

हर सांप जहरीला नहीं, लेकिन इन चार से सबसे ज्यादा खतरा

मध्यप्रदेश में 300 प्रजातियों के सांप पाए जाते हैं। इनमें केवल 50 जहरीले हैं। गंभीर सर्पदंश के अधिकतर केस कोबरा, कॉमन क्रेट (करैत), रसेल वाइपर और सॉ-स्केल्ड वाइपर (फुरसा) के कारण होते हैं। भोपाल में बारिश के दौरान कोबरा, करैत, घोड़ा पछाड़ (रैट स्नेक) और कुछ क्षेत्रों में रसेल वाइपर सबसे ज्यादा निकल रहे हैं। घोड़ा पछाड़ जहरीला नहीं होता, लेकिन बाकी तीन प्रजातियां बेहद खतरनाक हैं।

इन इलाकों में ज्यादा खतरा

कटारा हिल्स, मिसरोद, कोलार, बैरागढ़, लालघाटी, चार इमली, श्यामला हिल्स, भेल क्षेत्र, केरवा रोड और कलियासोत के आसपास के इलाकों में सांप निकलने की घटनाएं अधिक आमने आ रही हैं।

इनसे सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव

घर के आसपास झाड़ियां और मलबा न जमा होने दें।

रात में टॉर्च का उपयोग करें।

खेतों या झाड़ियों वाले क्षेत्र में जाने के लिए मजबूत जूते पहनें।

सांप दिखने पर उसे पकड़ने की कोशिश न करें।

सर्पदंश होने पर सीधे अस्पताल पहुंचें और झाड़-फूंक या घरेलू उपचार पर भरोसा न करें।

एंटी वेनम का स्टॉक

बारिश में घरों और आसपास के में घरों और आसपास सर्पदंश की घटनाएं हो रही हैं। शीघ्र उपचार के लिए सभी स्वास्थ्य केन्द्रों में एंटी वेनम के स्टॉक किए गए जा रहा है। स्टॉक की जांच भी की जा रही है। - डॉ. मनीष शर्मा, सीएमएचओ, भोपाल