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भोपाल के अपोलो सेज अस्पताल में मरीज को 4 घंटे बनाया बंधक! रसूखदारों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं

Apollo SAGE Hospital Bhopal- अपोलो सेज अस्पताल में बिल की वसूली के लिए मरीज को बंधक बनाने के मामले में तीसरे दिन भी नहीं हुई कार्रवाई...। पुलिस और कलेक्टर से भी शिकायत...।
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भोपाल

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Manish Geete

Aug 10, 2026

Apollo SAGE Hospital Bhopal

Apollo SAGE Hospital Bhopal- भोपाल के अपोलो सेज अस्पताल में मरीज को बंधक बनाने का मामला सामने आया है।

Apollo SAGE Hospital controversy- भोपाल के अपोलो सेज अस्पताल में मरीज को कमरे में बंद कर बंधक बनाने, मोबाइल छीनने, अभद्रता और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप सामने आए हैं। त्रिभुवन कॉलोनी निवासी अमित ने मामले की शिकायत शाहपुरा थाना प्रभारी, कलेक्टर, पुलिस कमिश्नर और सीएमएचओ से कर कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि बंधक बनाने के बाद अमित 3 से 4 घंटे तक शाहपुरा थाने के चक्कर लगाता रहा, लेकिन रसूखदारों का मामला होने के कारण उसकी सुनवाई कहीं नहीं हुई। इस घटना को दो दिन बीतने को है, लेकिन अब तक शाहपुरा थाना पुलिस ने इस मामले में कोई एक्शन नहीं लिया। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन का पक्ष इस शिकायत के संबंध में सामने नहीं आया है।

कैशलेस सुविधा से किया इनकार

अमित को 4 अगस्त की रात सांस लेने में तकलीफ और अस्वस्थता के चलते एम्बुलेंस से अस्पताल में भर्ती कराया गया था। भर्ती के दौरान उन्होंने मेडि असिस्ट कैशलेस मेडिकल इंश्योरेंस कार्ड जमा किया था। आरोप है कि 7 अगस्त तक इलाज के बाद अस्पताल प्रबंधन ने कैशलेस सुविधा के बजाय सीधे भुगतान की मांग शुरू कर दी। पीड़़ित का आरोप है कि भुगतान को लेकर अस्पताल के स्टाफ, सुरक्षाकर्मियों और प्रबंधन ने उनके साथ अभद्रता और गाली-गलौज की।

क्या था उस दिन का मामला

भोपाल शहर के अपोलो सेज अस्पताल में एक मरीज को कमरे में बंद कर बंधक बनाने, फोन छीनने, अभद्रता करने और डिस्चार्ज समरी न देने का गंभीर मामला सामने आया है। सलैया स्थित त्रिभुवन कॉलोनी के पीड़ित अमित पाठे ने शाहपुरा थाना प्रभारी, भोपाल कलेक्टर, पुलिस कमिश्नर और सीएमएचओ से लिखित शिकायत दर्ज कराकर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शाहपुरा पुलिस ने जांच शुरू की है। पुलिस को की गई शिकायत के अनुसार, अमित को 4 अगस्त की रात सांस लेने में तकलीफ और अस्वस्थता के कारण एम्बुलेंस से अपोलो सेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था। भर्ती के समय उन्होंने 'मेडि असिस्ट' कैशलेस मेडिकल इंश्योरेंस कार्ड जमा किया था। इंश्योरेंस कंपनी समेत अस्पताल प्रबंधन को जानकारी भी दी। पीड़ित का आरोप है, 7 अगस्त शुक्रवार तक इलाज के बाद अस्पताल प्रबंधन ने कैशलेस सुविधा देने के बजाय उनसे सीधे भुगतान की मांग शुरू कर दी।

सीएम हेल्पलाइन में की गई शिकायत

पीड़ित अमित पाठे का कहना है कि अस्पताल ने भुगतान के बावजूद उन्हें मेडिकल रिपोर्ट, डिस्चार्ज समरी और पेमेंट रिसीप्ट नहीं दी। अमर्यादित व्यवहार को लेकर पीड़ित ने कलेक्टर भोपाल और सीएमएचओ भोपाल को फोन तथा ईमेल व व्हाट्सअप से शिकायत भेजी। सीएम हेल्पलाइन सहित पुलिस सहायता नंबर 112 में भी सहयोग के लिए कॉल किया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ मरीज अधिकारों के उल्लंघन और मानिक प्रताड़ना के तहत मामला दर्ज करने की गुहार लगाई है।

पत्नी और मरीज को मारने बुलाए बाउंसर

आरोप है, भुगतान को लेकर अस्पताल के स्टॉफ, सुरक्षाकर्मियों और प्रबंधन ने अभद्रता व गाली- गलौज की। उन्हें कमरा-3106 में लॉक कर दिया। मोबाइल छीन लिया। 4 घंटे बंधक बनाए रखा। पत्नी शीतल से अमर्यादित व्यवहार किया। पीड़ित को मानसिक रोगी विभाग में भर्ती कराने की धमकी दी। बीमारी व इलाज के दस्तावेज नहीं देने के नाम पर बाउंसरों को बुलाकर धमकाया। अस्पताल प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए संपर्क करने के प्रयास किया गया, पर संपर्क नहीं हो पाया।

अमित पाठे ने सेज अपोलो अस्पताल के संबंध में लिखित शिकायत की है। हमने इस संबंध में उससे दस्तावेज, फुटेज सहित अन्य सामग्री मांगी है। जांच की जा रही है।
-संतोष मरकाम, थाना प्रभारी शाहपुरा