MP News: मध्यप्रदेश में बढ़ती आगजनी की घटनाओं के बीच सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। हर शहर में इतने फायर स्टेशन बनाए जाएंगे कि दमकल 3 से 10 मिनट में मौके पर पहुंच सके।
MP News: प्रदेश में अग्नि सुरक्षा के लिए नगरीय विकास विभाग तीन माह में फायर सेफ्टी एक्ट को अंतिम रूप दे देगा। इसके लिए केंद्र के मॉडल फायर एक्ट के साथ अन्य राज्यों के एक्ट का भी अध्ययन किया जा रहा है ताकि मप्र के एक्ट में सभी चीजों का समावेश हो सके। इसमें यह भी व्यवस्था होगी कि इतने फायर स्टेशन हों कि आग बुझाने वाली गाड़ी शहर के किसी भी कोने में 3 से 10 मिनट में पहुंच जाए।
शहरों के विस्तार को देखते हुए कितने फायर स्टेशन की जरूरत होगी, इसकी पूरी जानकारी सभी नगरीय निकायों से मांगी गई है। फायर एक्ट आने के बाद एक साल उसका इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने में भी लगेगा। विधायक अभिलाष पांडे के ध्यानाकर्षण का जवाब देते हुए नगरीय विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सदन में यह जानकारी दी।
विधायक ने बताया कि प्रदेश के विभिन्न महानगरों और नगरों में स्थित व्यवसायिक परिसर, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल तथा सार्वजनिक स्थलों पर विगत कुछ समय से आगजनी की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे जन-धन की हानि होने की आशंका बनी रहती है। फायर सेफ्टी एक्ट के अभाव में इन संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण सिद्ध हो रहा है। शहरों के विस्तार के कारण दूरस्थ क्षेत्रों में आग बुझाने वाली गाड़ियां भी आधे घंटे बाद पहुंच पाती है।
मंत्री ने कहा कि 74 वें संविधान संशोधन में। नगर पालिका और नगर निगम को फायर सेफ्टी के अधिकार दिए गए हैं लेकिन तकनीकी रूप से यह सक्षम नहीं है। इसीलिये केन्द्र के मॉडल फायर एक्ट के माध्यम से ही उसके मार्गदर्शन में ही मध्यप्रदेश का भी फायर एक्ट बनाया जा रहा है जो प्रक्रियाधीन है। हालाकि फायर एक्ट लागू होने के बाद भी सिस्टम बनाने में समय लगेगा।
मंत्री ने कहा कि अभी हम जो फायर सेफ्टी एक्ट (Fire Safety Act) बना रहे है, तो वहां पर जरूरत के अनुसार फायर स्टेशन बनाने कंस्ट्रक्शन भी करना पड़ेगा कि जहां पर फायर स्टेशन बना रहे हैं, वहां पर पार्किंग की जगह हो, जमीन की जरूरत पड़ेगी तो हमें कलेक्टर से जमीन लेनी पड़ेगी। एक्ट तीन महीने में बन जाएगी लेकिन एक्ट बनने के बाद इसके इंफ्रास्ट्रक्चर बनने में लगभग एक साल हमको लगेगा।