भोपाल

तेज हवाओं ने छीन लिया भोपाल की आशी चौकसे का गोल्ड, बताया कैसे पड़ा फर्क

Ashi Chaukse : एशियन गेम्स में भोपाल की आशी के सटीक निशाने से भारत को रजत, महिला तिकड़ी ने 50 मी राइफल थ्री पोजिशन में दिलाया पदक, वर्ल्ड चैंपियनशिप अगला लक्ष्य
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Sep 27, 2026
भोपाल की आशी चौकसे से तेज हवाओं ने छीना गोल्ड
भोपाल की आशी चौकसे से तेज हवाओं ने छीना गोल्ड- image credit- instagram - ashichouksey7

Ashi Chaukse : भोपाल की निशानेबाज बेटी आशी चौकसे ने इतिहास रच दिया। उन्होंने एशियन गेम्स में एक और पदक हासिल कर लिया। जापान के आइची में भारतीय महिला निशानेबाजों ने 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन में रजत पदक जीता। एशियन गेम्स के इस संस्करण में भारतीय निशानेबाजों का ये 11वां पदक है। तिलोत्तमा सेन, विदर्सा विनोद और आशी चौकसे की तिकड़ी ने 1763 अंकों के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। इस स्पर्धा का स्वर्ण चीन ने 1773 अंकों के साथ, जबकि कांस्य पदक कजाकिस्तान ने जीता। मप्र राज्य शूटिंग अकादमी की निशानेबाज आशी ने 585 अंकों का योगदान दिया। बाद में उन्होंने कहा कि तेज हवाओं के कारण दिक्कत आई अन्यथा गोल्ड जीतते। आशी ने व्यक्तिगत प्रदर्शन पर कुछ निराशा भी जताई। उन्होंने कहा कि अब वर्ल्ड चैंपियनशिप हमारा अगला लक्ष्य है। राज्य के खेल मंत्री विश्वास सारंग ने उनकी उपलब्धि पर खुशी जताई।

निशानेबाज आशी चौकसे अपनी तुलना दूसरे खिलाडिय़ों से नहीं करतीं। वे अपने प्रदर्शन को बेहतर करने पर फोकस करती हैं। स्टैंडिंग में 190 अंक के साथ उनका कुल स्कोर 585 रहा। आशी व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सकीं, लेकिन टीम के कुल स्कोर में उनका योगदान अहम रहा। उन्होंने बताया कि स्टैंडिंग पोजिशन में अंक कम मिलने का परिणाम पर फर्क पड़ा। तब बहुत तेज हवा चल रही थी जिसका प्रदर्शन पर असर पड़ गया।

एशियन गेम्स में फिर चमकीं

आशी के लिए 50 मीटर राइफल 3 पोजिशन टीम इवेंट में एशियन गेम्स में दूसरा रजत पदक है। इससे पहले हांगझोऊ एशियन गेम्स में भी उन्होंने इसी टीम स्पर्धा में रजत जीता था। व्यक्तिगत स्पर्धा में कांस्य भी हासिल किया था। जापान एशियन गेम्स के लिए आशी चौकसे पिछले एक साल से तैयारी कर रही थीं। उन्हें गोल्ड जीतने की उम्मीद थी पर रजत पदक से भी खुशी जताई।

एनसीसी के माध्यम से शुरुआत

भोपाल में जन्मीं आशी ने 2017 में कक्षा नौवीं के दौरान एनसीसी के जरिए शूटिंग शुरू की। इसके बाद अकादमी में प्रशिक्षण लिया। आशी चौकसे ने कोच सुमा शिरूर, वैभव शर्मा के मार्गदर्शन में पहचान बनाई। उनका अगला लक्ष्य ISSF वर्ल्ड चैंपियनशिप है। नवंबर में यह प्रतियोगिता दोहा में प्रस्तावित है।

आशी चौकसे के परिजन भोपाल के ही रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा कार्मेल कॉन्वेंट, बीएचईएल, भोपाल में पूरी की। आशी चौकसे कक्षा 9 में एनसीसी में शामिल हो गईं जहां उन्होंने शूटिंग की मूल बातें सीखीं। बाद में उन्होंने गुरु नानक देव विश्वविद्यालय से खेल की डिग्री हासिल की। उनके पिता पदम कांत चौकसे भारतीय रेलवे में काम करते हैं। उन्होंने अपना औपचारिक प्रशिक्षण एमपी राज्य शूटिंग अकादमी, भोपाल में लिया।

Updated on:
27 Sept 2026 08:31 am
Published on:
27 Sept 2026 08:30 am