
sugar prices : एमपी में शक्कर के दाम मानो आसमान पर पहुंच गए हैं। एक महीने के अंदर ही प्रति किलो 20 रुपए से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है। 47-48 रुपए प्रति किलो मिल रही शक्कर के दाम बढ़कर अचानक 68 से 70 रुपए किलो पहुंच चुके हैं। बाजार विशेषज्ञों और छोटे व्यापारियों ने आशंका जताई है कि सितंबर में त्योहारी सीजन शुरू होते ही शक्कर 75 रुपए प्रति किलो तक पहुंच सकती है। इसके लिए बाजार में मांग की तुलना में कम आपूर्ति के साथ ही सटोरियों और बड़े कारोबारियों को जिम्मेदार बताया जा रहा है। शक्कर के भाव तेजी से बढ़ने पर सरकार भी चिंतित हो उठी है। केंद्र ने कुछ कदम भी उठाए हैं।
राजधानी भोपाल के बाजारों में शक्कर 68 से 70 रुपए प्रति किलो बिक रही है। किराना व्यापारी बताते हैं कि थोक में ही दामों में जबर्दस्त बढ़ोत्तरी हो चुकी है। शक्कर हमें 65 रुपए प्रति किलो की कीमत पर मिल रही है। कई जगहों पर इससे ज्यादा दाम हैं।
शक्कर के भावों में इस तेजी से महंगाई से पहले ही त्रस्त आम उपभोक्ता की मुश्किलें और बढ़ गई है। किराना व्यापारी अजय मिश्रा के मुताबिक मांग ज्यादा और आपूर्ति कम होने के साथ ही सटोरियों ने कीमतें बढ़ाई हैं। कुछ कारोबारी भी बड़ी मात्रा में जमाखोरी कर बाजार में शक्कर की कृत्रिम कमी पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। छोटे किराना कारोबारी और उपभोक्ताओं ने बड़े स्टॉकिस्टों, थोक कारोबारियों के स्टॉक की जांच की मांग की है।
चीनी के सबसे बड़े उत्पादक महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में उत्पादन गिरा।
पिछले वर्ष कुल उत्पादन का 10 प्रतिशत यानि करीब 30 लाख टन चीनी के बराबर उत्पादन एथेनॉल की ओर गया।
गन्ना की नई फसल आने में अभी काफी समय इसलिए केवल स्टॉक पर ही सब कुछ निर्भर है। इसी बीच थोक में त्योहारी मांग बढऩे से स्टॉक कम होने लगा है।
आशंका है कि बड़े कारोबारी त्योहारों से पहले बड़ी मात्रा में शक्कर की जमाखोरी कर रहे हैं। इससे बाजार में सप्लाई पर असर पड़ा और कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं।
चीनी के दामों में अचानक आई तेजी से उपभोक्ताओं की परेशानी को देखते हुए केंद्र सरकार ने कुछ कदम उठाए हैं। इसके अंतर्गत सरकार ने 15 दिन की स्टॉक लिमिट तय करने के साथ ही 10 लाख टन चीनी के आयात की अनुमति दी है।