भोपाल से निकली शताब्दी एक्सप्रेस में एक संदिग्ध के पकड़ने जाने से देशभर की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। यह आतंकवादी दिल्ली...।
भोपाल। भोपाल से निकली शताब्दी एक्सप्रेस में एक संदिग्ध कश्मीरी के पकड़ने जाने से देशभर की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। यह दिल्ली में 26 जनवरी को अपने दो साथियों के साथ अक्षर धाम मंदिर पर बड़ा हमला करने वाला था। बताया जाता है कि ट्रेन के टीटी की सूझबूझ से यह बड़ा आतंकवादी हमला नाकाम हो गया है। इसके दो साथी फरार बताए जाते हैं।
गणतंत्र दिवस पर दिल्ली को दहलाने की बड़ी आतंकी साजिश नाकाम हो गई है रविवार को भोपाल और दिल्ली के बीच चलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस में कश्मीर के अनंतनाग निवासी बिलाल अहमद वानी को गिरफ्तार किया है। उसके दो साथी कहीं छिपे होने के कारण उनकी तलाश की जा रही है। इधर, शताब्दी एक्सप्रेस में संदिग्ध कश्मीरी के पकड़े जाने के बाद भोपाल में भी जीआरपीएफ के आला अधिकारी सतर्क हो गए हैं। वे यूपी एटीएस से इस संबंध में इनपुट लेने की कोशिश कर रहे हैं।
टीटी की सूझबूझ से पकडाया आतंकी
बताया जाता है कि शताब्दी एक्सप्रेस के टीटी को मथुरा के पास एक युवक की हरकतें कुछ संदिग्ध लगी। उसने जीआरपी को उस पर नजर रखने और पूछताछ के लिए सूचना दे दी। इस घटना के बाद से भोपाल डीआरएम आफिस तक हलचल मच गई है। भोपाल मंडल भी इस स्थिति पर नजर रख रहा है।
आईबी और एटीएस ने की छापेमारी
बिलाल के दो साथियों की तलाश में दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके में होटल में और कई ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। एटीएस और आईबी ने कई जगह छापामार कार्रवाई की। दोनों संदिग्ध एक दिन पहले ही फरार हो गए थे। सूत्रों के अनुसार यह तीनों आतंकी गणतंत्र दिवस के दिन अक्षरदाम मंदिर को दहलाने आए थे।
बिलाल ने किया खुद को घायल
जब पुलिस बल ने उससे कड़ी पूछताछ की तो उसने पागलों जैसी हरकतें शुरू कर दी। उसने किसी नुकीली वस्तु से अपने सीने पर वार किया, जिससे वह लहूलुहान हो गया।
यह भी है खास
-बताया जाता है कि एक टीटी को बिलाल की हरकतें संदिग्ध लगी थीं।
-यह भी बताया जा रहा है कि जीआरपी को खुफिया एजेंसियों से एक संदिग्ध कश्मीरी आतंकवादी के शताब्दी में यात्रा करने का इनपुट मिला था।
-रविवार सुबह साढ़े आठ बजे ट्रेन के मथुरा पहुंचते ही बिलगांव के रहने वाले बिलाल को दबोच लिया गया।
-बिलाल के पास से अपना और एक महिला का आधार कार्ड और एक सिम मिली है।
-जीआरपी थाने में आर्मी इंटेलीजेंस, इंटेलीजेंस ब्यूरो, लोकल इंटेलीजेंस, एसपी सुरक्षा सिद्धार्थ वर्मा और एटीएस ने उससे आठ घंटे पूछताछ की।
-बिलाल पूछताछ में बार-बार बदल रहा है बयान।
-उसने 26 जनवरी से पहले भी कोई घटना को अंजाम दिया है इसकी प्लानिंग की भी जानकारी दी है।
-उसने बताया कि उसके साथी मास्टरमाइंड हैं।
-उसने बताया कि वह गलत ट्रेन में बैठ गया तो मथुरा आ गया था।
-उसे एटीएस अज्ञात स्थान पर पूछताछ के लिए ले गई।
खुफिया एजेंसियों को पता चला है कि वह एक जनवरी को दिल्ली आया था और उसने 4 जनवरी को कनाट प्लेस से ATM से चालीस हजार रुपए भी निकले थे।
ये भी पढ़ें