
नॉनवेज हो या वेज, खानपान के क्षेत्र में अपनी एक खास पहचान रखने वाला मध्य प्रदेश के प्रमुख शहर और राजधानी भोपाल में अब तंदूर पर बनी रोटी नहीं मिल सकेगी। इसका कारण है प्रशानिक आदेश। दरअसल, शहर में लगातार बढ़ रहे प्रदूषण स्थर को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए शहर में तंदूर भट्टी के प्रयोग पर रोक लगाई है। यानी शहर के खानपान में बड़ा स्थान रखने वाली तंदूरी रोटी अब नहीं मिलेगी। प्रशासनिक आदेश के तहत अब से तंदूर की भट्टी जलाने पर होटल संचालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, राजधानी भोपाल में दीपावली के बाद से आब हवा का स्तर लगातार बिगड़ रहा है, जिसका प्रभाव लोगों की सेहत पर पड़ सकता है। इसी समस्या की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्रशासन ने तंदूर-भट्टी के इस्तेमाल पर रोक लगाने का फैसला लिया है। तंदूर की भट्टी जलाने पर चालानी कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा कमर्शियल वाहन में अगर PUC सार्टिफिकेट नहीं होने पर भी 5 हजार का जुर्माना चुकाना होगा। नगर निगम को फॉगिंग के निर्देश दिए गए हैं। खुले में कचरा जलाने पर स्पॉट फाइन वसूलने के भी आदेश जारी हुए हैं। निर्माण वाली जगहों पर ग्रीन नेट लगाना अनिवार्य किया गया है।
भोपाल कलेक्टर ने खुद संभाला मोर्चा
इस आदेश को कड़ाई से पालन कराने के उद्देश्य से भोपाल कलेक्टर आशीष सिंह खुद ही मोर्चा संभाले हुए हैं। PUC चेकिंग करने वाली गाड़ियों की जांच की जा रही है। शहर में सभी पेट्रोल पंप पर PUC की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। गौरतलब है कि मध्य प्रदेश की राजधानी में हवा बेहद खराब स्थिति में है। भोपाल में एयर क्वालिटी इंडेक्स 300 के पार पहुंच चुका है। इसे देखते हुए प्रशासन को बड़ा फैसला लेना पड़ा है।