
दिग्विजय सिंह (Photo Source- Digvijay singh X handle)
Meenakshi Natarajan Nomination Case- एमपी से राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द हो जाने के बाद पार्टी नेता देशभर में इसकी खिलाफत कर रहे हैं। राजधानी भोपाल में जहां प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, प्रदेश प्रभारी जैसे वरिष्ठ नेता निर्वाचन कार्यालय के सामने रोड पर ही लेटे रहे वहीं दिल्ली में भी कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग के बाहर धरना दिया। नामांकन रद्द हो जाने के बाद विधानसभा के बाहर कांग्रेस नेताओं ने हंगामा किया। मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि वोट चोरी के बाद भाजपा ने सीट चुराई है। इस मामले में मैं कोर्ट जाऊंगी। इधर बीजेपी, इस मुद्दे पर कांग्रेस को ही घेर रही है। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने साफ कहा कि हमें कांग्रेस के नेता ने ही दस्तावेज मुहैया कराए। प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने तो प्रेस वार्ता का वीडियो पोस्ट करते हुए दिग्विजय सिंह के मौन रहने पर प्रश्नचिन्ह खड़ा किया। उन्होंने अपने एक्स हेंडल पर लिखा- दिग्विजय सिंह की खामोशी ही सबसे बड़ा बयान है। प्रेस वार्ता में बार बार आग्रह के बावजूद दिग्विजय सिंह नहीं बोले। वीडियो से सियासी हल्कों में खलबली मच गई है।
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त करने के मामले में मप्र विधानसभा के पूर्व प्रमुख सचिव भगवान देव इसरानी ने बताया, ऐसे मामले में कोर्ट ही विकल्प है। यदि निर्वाचन आयोग को मामला सौंपा तो वह सुनवाई कर सकता है।
कांग्रेस बुधवार को सुबह से ही सक्रिय है। सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाने की तैयारी की जा रही है। कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी मामले की पैरवी करेंगे।
मामले में जोरदार बयानबाजी चल रही है। कांग्रेस के राज्यसभा सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि यह भाजपा का लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने का खुला प्रयास है। शपथ पत्र में जानकारी छिपाने का आरोप मनगढ़ंत है। हर कदम पर भाजपा वोट चोरी करने पर आमादा दिखाई देती है। हम इसे चुपचाप नहीं स्वीकारेंगे। कानूनी व राजनीतिक दोनों स्तर पर लड़ेंगे।
एमपी बीजेपी अब कांग्रेस नेताओं के बयानों पर पलटवार कर रही है। बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कांग्रेस नेताओं पर ही सवाल उठाए। उन्होंने कांग्रेस की प्रेस वार्ता का जिक्र करते हुए कहा है कि वहां दिग्विजय सिंह की खामोशी सबसे बड़ा बयान बन गई।
मीनाक्षी नटराजन के नामांकन निरस्त होने पर कांग्रेस की प्रेस वार्ता से अधिक चर्चा दिग्विजय सिंह के मौन की रही।
प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष के बार-बार आग्रह के बावजूद उन्होंने इस मुद्दे पर एक शब्द भी नहीं कहा।
क्या यह कांग्रेस के दावों पर अविश्वास था? या फिर सच्चाई सामने आने, कांग्रेस के नेता बोले, लेकिन दिग्विजय सिंह की खामोशी सबसे बड़ा बयान बन गई।
Updated on:
10 Jun 2026 01:59 pm
Published on:
10 Jun 2026 11:12 am
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