
MP Monsoon 2026 Update: मध्य प्रदेश के 45 से ज्यादा जिलों में मानसूनी बारिश हो सकती है सामान्य से कम। (फोटो सोर्स: patrika)
MP Monsoon 2026 Update: मध्य प्रदेश में इस बार मानसून को लेकर नया अंदेशा जताया जा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक जहां मानसून से पहले प्री मानसून की बारिश रिकॉर्ड तोड़ रही है, वहीं मानसून सीजन में इस बार सामान्य से कम बारिश का अनुमान है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक प्रदेश के कुल 47 जिलों में इस बार लोग अच्छी बारिश को तरसेंगे। यहां सीजन में सामान्य से कम बारिश की आशंका है। हालांकि मानसून आने से पहले प्री-मानसून गतिविधियां प्रदेश पर मेहरबान हैं। लोगों को भीषण गर्मी से कुछ तो राहत मिली है। प्रदेश के 14 जिलों में सामान्य से 100 प्रतिशत से लेकर 672 प्रतिशत तक अधिक बारिश हो चुकी है।
देश का दक्षिण-पश्चिम मानसून मुंबई की तरफ बढ़ रहा है। 4 जून को केरल से शुरू होकर मानसून छह दिन में 16 राज्यों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, पूर्वोत्तर राज्यों, सिक्किम व पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों तक फैल चुका है। बुधवार सुबह तक मानसून के मुंबई पहुंच गया है। 4-5 दिन में महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल के शेष हिस्सों में और बढ़ेगा। उत्तर-पश्चिम भारत में 11 जून को एक मजबूत पश्चिम विक्षोभ सक्रिय होगा। आइएमडी ने 11, 12 जून को दिल्ली समेत जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, यूपी, एमपी, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, छत्तीसगढ़ में तेज आंधी, बारिश-ओले की संभावना जताई है।
शहर में मानसूनी बारिश के लिए अभी थोड़ा वक्त है, लेकिन जून की शुरुआत से चल रही प्री-मानसून एक्टिविटी ने मानसून आने से पहले बारिश की आमद दे दी है। ऐसे में जून के पहले सप्ताह में ही बारिश का आधा कोटा पूरा चुका है। शहर में जून में औसत बारिश 132.8 मिमी होनी चाहिए, जबकि अब तक 67 मिमी बारिश हो चुकी है। जो वर्तमान में औसत बारिश से अधिक है, हांलाकि अगले दो तीन दिन बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है और उमस भरी गर्मी बेहाल कर सकती है, लेकिन 12 जून के बाद फिर गरज चमक, बारिश, बौछारे राहत दे सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश और आसपास बने मानसूनी सिस्टम के कमजोर होने से प्री-मानसून एक्टिविटी का दौर थोड़ा कम हुआ है। पारा तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि नमी के कारण लोगों को उमस का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के वैज्ञानिक डी. अरुण शर्मा ने बताया कि दो-दिन तापमान में बढ़ोतरी का ट्रेंड रह सकता है। 12 जून से गरज-चमक के साथ तेज हवा, बारिश, बौछारों की स्थिति बन सकती है।
मंगलवार 9 जून को प्रदेश में 25 स्थानों पर अधिकतम तापमान 40 से 46 डिग्री के बीच रहा। खजुराहो में अधिकतम तापमान 46 डिग्री पर पहुंच गया, जो देश में श्रीगंगानगर (राजस्थान) 46.4 डिग्री के बाद दूसरा सबसे गर्म शहर रहा। जबलपुर में मंगलवार दोपहर बाद आंधी के साथ ओले गिरे। इंदौर में मंगलवार को लोग दिनभर उमस से परेशान रहे। अधिकतम तापमान 40 डिग्री व न्यूनतम तापमान 26.1 डिग्री रहा।
शहर में मानसून आगमन की तारीख 18 जून है। अभी मानसून केरल से आगे बढ़ते हुए महाराष्ट्र के ऊपर है मुंबई पर छाया गया है। प्रदेश में मानसून आगमन की एंट्री में थोड़ा समय लग सकता है। यह समय से 2-3 दिन की देरी से एमपी में एंट्री करेगा। तो भोपाल में भी इसके 20 से 25 जून के बीच आने की संभावना जताई जा रही है, लेकिन इसके पहले प्री-मानसून एक्टिविटी का दौर चल रहा है। ऐसे में पिछले एक सप्ताह में राजधानी में पौने तीन इंच तक बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से अधिक है।
शहर में पिछले तीन चार दिनों से जारी प्री-मानसून बारिश का दौर मंगलवार को कमजोर पड़ गया। दिन में धूप रही और नमी के कारण लोगों को तेज उमस का भी सामना करना पड़ा। ऐसे में शहर के तापमान में भी फिर 1.3 डिग्री की बढ़ोतरी हो गई और इस साल जून में पहली बार तापमान 40 डिग्री पर पहुंच गया। पिछले आठ दिनों से शहर का तापमान लगातार 40 डिग्री से नीचे बना हुआ था और तेज गर्मी से लोगों को राहत मिल रही थी।
पिछले एक दशक के आंकड़ों पर नजर डालें, तो जून के महीने में मौसम के कई अलग-अलग रंग देखने को मिले हैं। पिछले 10 सालों में जून महीने में सबसे ज्यादा बारिश 2020 में दर्ज किया गया था, जब शहर में पूरे महीने में 405.3 मिमी बारिश हुई थी। इस साल भी जून की शुरुआत जिस तरह की मानसूनी हलचल के साथ हुई है, उसे देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि बारिश का आंकड़ा सामान्य से ऊपर जा सकता है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अभी मौसम का मिजाज इसी तरह रहेगा। तापमान में बढ़ोतरी का ट्रेंड रह सकता है। जो सिस्टम था, वह कमजोर हो गया है। ऐसे में उमस और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के असर के कारण 12 जून से फिर सिस्टम एक्टिव हो सकते हैं, ऐसे में बादल, तेज हवा, बारिश की स्थिति फिर बन सकती है।
- 2025 - 156 - बारिश मिमी में
- 2024 - 276.9 - बारिश मिमी में
- 2023 - 142.3 - बारिश मिमी में
- 2022 - 38.2 - बारिश मिमी में
- 2021 - 266.3 - बारिश मिमी में
- 2020 - 405.3 - बारिश मिमी में
- 2019 - 115.1 - बारिश मिमी में
- 2018 - 113.3 - बारिश मिमी में
- 2017 - 86.5 - बारिश मिमी में
- 2016 - 107.4 बारिश मिमी में
Updated on:
10 Jun 2026 10:40 am
Published on:
10 Jun 2026 10:21 am
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