Audio: कुत्तों के खिलाफ कुछ भी किया तो होगी सीधी जेल
भोपाल। कुत्तों के खिलाफ कुछ भी कहा तो अब जेल जाना होगा। उन्हें परेशान किया तो जेल तय है, लेकिन कुत्तों को गुलाब का फूल देंगे या माला पहनाई तो भी जेल हो सकती है।
जी हां, यह चेतावनी गांधी जयंती के मौके पर भोपाल के रहवासियों को मिली है। यह लोग आए दिन कुत्तों के काटने और उनके हमलों से दहशत में थे और कुत्तों के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले थे। यह चेतावनी केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के एनजीओ पीपुल्स फॉर एनिमल्स की तरफ से एक महिला ने दी है।
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चेतावनी का ऑडियो वायरल
केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के यहां से फोन करने वाली महिला ने अपना नाम स्वाति गौरव बताया। उन्होंने इस प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले उमाशंकर तिवारी को फोन कर थाने में शिकायत करने की चेतावनी दी। तिवारी ने उनसे आग्रह किया कि वे कानून के दायरे में ही प्रदर्शन कर रहे हैं और किसी भी जानवर को हानि या परेशान नहीं कर रहे हैं।
-स्वाति ने तिवारी को साफ तौर पर कहा कि यदि कुत्तों को परेशान किया या हानि पहुंचाई तो जेल जाएंगे। दोनों के संवाद का यह आडियो वायरल हो गया।
मेनका गांधी के दफ्तर से आया फोन
इधर, कुत्तों को गुलाब का फूल देकर और माला पहनाकर प्रदर्शन करने का संदेश मिलते ही केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के एनजीओ पीपुल्स फॉर एनिमल के दिल्ली स्थित दफ्तर से उमाशंकर तिवारी को फोन आया, जिसमें कुत्तों को परेशान और हानि न करने की बात कही। तिवारी ने भी कानून के दायरे में प्रदर्शन करने की बात कही।
-स्वाति गौरव नाम की महिला का आडियो भी वायरल हुआ है। पत्रिका के पास वो आडियो मौजूद है जिसमें वे कुत्तों के साथ प्रदर्शन करने को लेकर पुलिस कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
तो एनजीओ वाले दें मुआवजा
इधर, प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे बागमुगालिया एक्सटेंशन समिति के अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी ने कहा है कि पेटा संगठन और मेनका गांधी के पीपुल्स फॉर एनिमल्स जानवरों को परेशान करने या बचाने के लिए तो आगे आ जाते हैं, लेकिन जानवरों से होने वाली जनहानि पर क्यों चुप्पी साध लेते हैं। भोपाल में तीन से चार बच्चों की मौत कुत्तों के काटने से हो चुकी है। ऐसी स्थिति में और कितने बच्चों की मौत देखेंगे। कुत्तों के काटने या मौत पर ऐसे संगठनों को ही मुआवजा देना चाहिए।
कुत्तों से ही किया आग्रह
भोपाल स्थित बागमुगालिया के रहवासियों ने गांधी जयंती के मौके पर शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन किया। तिवारी ने बताया कि वे गांधीगीरी के जरिए ऐसा प्रदर्शन इसलिए कर रहे हैं कि प्रशासन का कोई भी अधिकारी उनकी बात नहीं सुन रहा है। इसलिए हमने उन्हें ही फूल देकर आग्रह किया, जिनसे हम दहशत में हैं और परेशान हैं।
सीनियर सिटीजन और बच्चे हो रहे घायल
क्षेत्र के कुत्तों के कारण सुबह और शाम घूमने वाले सीनियर सिटीजन और स्कूल से आने-जाने वाले बच्चे ज्यादा घायल हो रहे हैं।