कांग्रेस के दिग्गजों को दो-दो सीटें जिताने का जिम्मा,दिल्ली में राहुल गांधी ने बनाई रणनीति...
भोपाल। मिशन - 29 की योजना के तहत कांग्रेस इस बार वे सीटें भी जीतने की रणनीति पर काम कर रही है जो उसे पिछले कई सालों से नसीब नहीं हुई हैं। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रदेश के सभी दिग्गज नेताओं को इन सीटों को जिताने की जिम्मेदारी भी दे दी है।
बड़े नेता अपने-अपने अंचल में सीटें जिताने के साथ ही दो-दो सीटों पर खास तौर पर जीतने की तैयारी करेंगे। कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय जैसे दिग्गज नेताओं को भी पूरे प्रदेश के साथ दो सीटें विशेष तौर पर जिताने को कहा गया है।
कांग्रेस को लगता है कि यदि ये सीटें उसके हाथ लग गईं तो उनको प्रदेश में बीस से ज्यादा सीटें जीतने से कोई नहीं रोक सकता। इन सीटों में भोपाल,इंदौर,ग्वालियर,जबलपुर जैसे बड़े शहरों की लोकसभा सीटें भी शामिल हैं।
दिग्गजों को इन सीटों की जिम्मेदारी :
मुख्यमंत्री कमलनाथ अपनी परंपरागत सीट छिंदवाड़ा के साथ महाकौशल अंचल की बालाघाट सीट भी जिताएंगे। इसके अलावा उनके पास पूरा महाकौशल अंचल का प्रभार भी रहेगा। सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को उनकी सीट गुना के साथ ग्वालियर जिताने का जिम्मा भी सौंपा गया है।
ग्वालियर-चंबल अंचल का प्रभार भी उनके पास रहेगा। यूपी का प्रभार मिलने के बाद सिंधिया ने अपनी पत्नी प्रियदर्शनीराजे को इस रणनीति के तहत काम में जुटा दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को सबसे कठिन सीट भोपाल और इंदौर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। घरेलू सीट होने के कारण राजगढ़ और मध्यभारत का प्रभार भी उनको दिया गया है।
सांसद विवेक तन्खा जबलपुर और खजुराहो का जिम्मा संभालेंगे। सांसद कांतिलाल भूरिया को छह आदिवासी सीटों के साथ उनकी अपनी सीट रतलाम के अलावा मंडला सीट जिताने की जवाबदारी भी दी गई है। अरुण यादव निमाड़ की खंडवा और खरगोन सीट का विशेष प्रभार संभालेंगे। पू
र्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह को सीधी और सतना की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा पूरे बघेलखंड का प्रभार भी अजय सिंह के पास रहेगा। वहीं सुरेश पचौरी को होशंगाबाद सीट पर कांग्रेस का झंडा फहराने को कहा गया है।
उम्मीदवार चयन में भी ली जाएगी राय :
दिग्गजों के पास जिन सीटों की जिम्मेदारी है उनके उम्मीदवार चयन में भी उनकी राय ली जा रही है। इन नेताओं से इन सीटों पर जिताउ उम्मीदवारों के नाम भी मांगे गए हैं। रणनीति के हिसाब से इन नेताओं को अपने जिम्मे वाली सीटों पर तैयारी और योजना के लिए फ्री हैंड भी दिया गया है।
प्रदेश के सभी बड़े नेताओं के समन्वय से ही कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की है। उसी तर्ज पर इन दिग्गज नेताओं के प्रभाव का उपयोग करते हुए लोकसभा चुनाव में विशेष जिम्मा सौंपा गया है। इस बार कांग्रेस उन सभी सीटों पर जीत हासिल करेगी जो कई सालों से उसके हाथ से दूर हो गई हैं।
- दीपक बावरिया, प्रदेश प्रभारी,कांग्रेस