भोपाल

राष्ट्रपति भवन में वीवीआइपी गेस्ट के लिए खाना बना चुके हैं ये शेफ, जाने कैसे बनाते हैं हेल्दी और टेस्टी डिसेज

सेलिब्रेटी सेफ राकेश सेठी ने कहा, फूड लवर्स रीजनल फूड ज्यादा पसंद करते हैं

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Sep 06, 2021
राष्ट्रपति भवन में वीवीआइपी गेस्ट के लिए खाना बना चुके हैं ये शेफ, जाने कैसे बनाते हैं हेल्दी और टेस्टी डिसेज

भोपाल। भारत के हर प्रांत के व्यंजन का अपना टेस्ट है, स्थानीय मसाले इम्युनिटी बूस्टर का काम करते हैं। आज सामान्य होटल हो या फाइव स्टार, वहां आने वाले फूड लवर्स रीजनल फूड खाना ज्यादा पसंद करते हैं। कोरोना काल ने हम सभी को हाइजीन का महत्व बता दिया है, इसलिए घर में जब भी खाना बनाए, पहले किचन को पूरी तरह से हाइजनिक बना लें। यह कहना है लोकप्रिय कुकिंग शो मिर्च मसाला फेम अंतरराष्ट्रीय सेलिब्रेटी शेफ राकेश सेठी का। वे हाल ही में गोरखपुर के एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के लिए विशिष्ट भोज के शिल्पकार रह चुके हैं। राकेश ने बताया कि जब मैं 26 साल का था तो मुझे डेपोटेशन पर तत्कालीन राष्ट्रपति आर वेंकटरमन के भोजन प्रबंधन की जिम्मेदारी मिली।

मिथ पर ध्यान देने की बजाए खाने का आनंद लें
शेफ नई डिसेज तैयार करने के लिए आहार संहिता के विरुद्ध जाते हैं, राकेश ने इस सवाल पर कहा कि भोजन से जुड़ीं बहुत सी बातें ऐसी हैं कि जिन्हें हमने सिर्फ सुना है। जब ज्ञान बढ़ता है तो पता चलता है कि यह तो एक मिथ था। हर प्रांत की जलवायु के हिसाब से भोजन संहिता अलग-अलग हो सकती है। कुजींस में तो मछली के अंदर दही से मेरिनेट कर ही खाना बनता है, लेकिन कुछ लोग कहते हैं कि मछली के बाद दूध नहीं पीना चाहिए। इसलिए मिथ पर ध्यान देने की बजाए खाने का आनंद लें।

सेफ नहीं आर्मी अफसर बनना चाहता था
राकेश ने कहा कि मेरे पिताजी फौज में थे उनकी वर्दी और उनका रूतबा देखकर मैं इम्प्रेस रहता था, मैं भी सोचता था कि फौज में जाऊंगा। हालांकि मुझे कुकिंग से भी उतना ही लगाव था। जब मम्मी सो जाती थी तो छिप-छिप कर मैं और मेरा भाई खाना बनाते थे। दोनों को लगा कि इस काम में हम परफेक्ट हो सकते हैं, हम दोनों भाई होटल इंडस्ट्री में आ गए। पापा को जब पता चला तो पहले वे नाराज हुए लेकिन फिर कहा कि जिस भी प्रोफेशन में जाना है डिसिप्लिन में रहकर उस काम को करना होगा, तभी सफलता मिलेगी। पिताजी की इस बात को हम आज तक मान रहे हैं, बिना डिसिप्लिन में रहे सफलता नहीं मिल सकती।

हाइजीन का ध्यान रखें, रहेंगे स्वस्थ
राकेश ने कहा कि पहले इस फील्ड को महिला-पुरुष दोनों के लिए अच्छा नहीं माना जाता था, लेकिन अब जेंडर गेप खत्म हो गया है। अब महिलाएं हीं बहुत सी जगह रेस्त्रां और कैफे चला रही हैं। पहले के जमाने में तो किचन में पुरुषों का काम करना भी अच्छा नहीं माना जाता था। टेलीविजन पर शेफ के शो आने के बाद इस इंडस्ट्री से भी ग्लैमर जुड़ गया है। कुछ शेफ कुदरती टैलेंटेड होते हैं जो बहुत टेस्टी खाना बनाते हैं। डिस के टेस्टी होने के साथ ही उसकी सजावट भी बेस्ट होना जरूरी है।

Published on:
06 Sept 2021 11:38 pm
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