dewas indore bypass मध्यप्रदेश में कई नए हाईवे, एक्सप्रेस वे, कॉरिडोर, 4 लेन, 6 लेन सड़कें बनाई जा रहीं हैं। इनके लिए जमीन अधिग्रहीत की जा रही है जिसका पर्याप्त मुआवजा भी दिया जा रहा है।
मध्यप्रदेश में कई नए हाईवे, एक्सप्रेस वे, कॉरिडोर, 4 लेन, 6 लेन सड़कें बनाई जा रहीं हैं। इनके लिए जमीन अधिग्रहीत की जा रही है जिसका पर्याप्त मुआवजा भी दिया जा रहा है। इसी क्रम में एक सुपर कॉरिडोर भी बनाया जा रहा है। इस कॉरिडोर के लिए ली जा रही जमीनों के मालिक मालामाल बन सकते हैं क्योंकि यहां गाइडलाइन से कई गुना ज्यादा मुआवजा दिया जा रहा है। खास बात यह है कि खासा मुआवजा दिए जाने के वादे के बाद भी यहां के वाशिंदे अपनी जमीन छोड़ने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में कॉरिडोर का काम भी अधूरा ही पड़ा है।
मध्यप्रदेश के देवास में देवास रोड को इंदौर रोड से सीधा जोड़ने के लिए यह मिनी सुपर कॉरिडोर बनाया जा रहा है। देवास विकास प्राधिकरण द्वारा कॉरिडोर के माध्यम से उज्जैन रोड बिराखेड़ी से इंदौर रोड स्थित टाटा चौराहा के आसपास के इलाकों को जोड़ने की योजना बनाई गई। अक्टूबर 2022 में सड़क निर्माण का काम प्रारंभ भी कर दिया, एक किमी रोड बन गई पर बाद में इसमें अड़ंगा आ गया।
मिनी सुपर कॉरिडोर के लिए 232 हेक्टेयर जमीन की जरूरत है। यह जमीन लैंड पूलिंग योजना में किसानों से ली जानी है। योजना में शहर को बायपास करते हुए 45 मीटर चौड़ी और 5. 60 किलोमीटर लंबी रोड बनाई जानी है।
कॉरिडोर योजना के लिए भूस्वामियों को खासा मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है। देवास विकास प्राधिकरण, भूस्वामियों को गाइडलाइन से 2 गुना राशि मुआवजे के रूप में दे रही है। इसके बाद भी किसानों ने प्राधिकरण को जमीन देने इंकार कर दिया है। यही वजह है कि करीब 1 किलोमीटर लंबी रोड बनाने के बाद सड़क निर्माण का काम रुक गया।