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2100 करोड़ के शराब घोटाले में शामिल कंपनी को MP में मिला ठेका, नियम भूले अफसर

CG liquor scam: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 2100 करोड़ के शराब घोटाले में नामजद कंपनी को मध्यप्रदेश में सरकारी ठेका मिलना कई सवाल खड़े कर रहा है। नियमों, शर्तों और अफसरों की भूमिका को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।
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भोपाल

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Akash Dewani

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Updated: 14 Jan 2026, 11:44 PM IST

2100 Crore CG liquor scam prime one work force company contract by MPPCB mp news

Company involved in CG liquor scam gets contract in MP (फोटो- Patrika.com)

MP News: छत्तीसगढ़ में 2100 करोड़ के शराब घोटाले (2100 Crore CG liquor scam) में आरोपित कंपनी प्राइम वन अब मध्यप्रदेश में मैनपावर सप्लाई करेगी। मामला पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (MPPCB) से जुड़ा है। जहां दागी फर्म प्राइम वन वर्क फोर्स को टेंडर अवॉर्ड किया जा रहा है। इस मामले को लेकर कॉट्रेक्ट ने एम्प्लाई वेलफेयर एसोसिएशन शिकायत दर्ज कराई है।

उनका कहना है कि बोर्ड के टेंडर शर्तों के मुताबिक किसी भी ऐसी फर्म को ठेका नहीं दिया जा सकता जिस पर एफआइआर हो, लेकिन नियमों को दरकिनार कर ठेका दिया जा रहा है। एसोसिएशन का आरोप है कि छग के चर्चित शराब घोटाले में कंपनी पर फर्जी होलोग्राम लगाकर शराब की सप्लाई कराने और सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने जैसे संगीन आरोप लगे हैं।

झूठे शपथपत्र दिए

एसोसिएशन ने शिकायत में कहा, टेंडर की शर्तों में स्पष्ट है कि कंपनी पर एफआइआर नहीं होनी चाहिए। लेकिन प्राइम वन वर्क फोर्स कंपनी ने गलत शपथपत्र दिया। कंपनी पर छत्तीसगढ़ में मुकदमा दर्ज है। वहीं बोर्ड अफसरों का कहना है कि एफआइआर नहीं आरोप सिद्ध होना जरूरी है। बता दें फर्म की शिकायत इंदौर लोकायुक्त में भी की गई है। जिसकी जांच हो रही है।

फर्जी होलोग्राम बनाकर अवैध शराब सप्लाई

छत्तीसगढ़ में ईडी के साथ ही ईओडब्ल्यू ने भी प्राइम वन (Prime One Work Force Company) के खिलाफ 2024 में एफआइआर दर्ज की थी। ईओडब्ल्यू की जांच में यह तथ्य भी सामने आए थे कि कंपनी ने फर्जी होलोग्राम बनाकर अवैध शराब सप्लाई कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया। ऐसे में कंपनी की विश्वसनीयता सवालों में है। वहीं अफसर कंपनी के पक्ष में तर्क देते नजर आ रहे हैं। एसोसिएशन ने आरोप लगाए कि बोर्ड ने ई-टेंडर प्रक्रिया में 20 अंक प्रजेंटेशन के रखे। इसका कोई औचित्य नहीं रह जाता है। और चहेती फर्म को लाभपहुंचाया जा सकता है। (MP News)

चालान पेश होना जरुरी

जो शिकायत मिली थी उसकी जांच करवाई गई है। और जहां तक बात एफआइआर की है तो वो तो कोई किसी पर भी करवा सकता है। चालान पेश होना जरूरी है। इस कंपनी को अन्य विभागों में भी काम दिया ही गया है।- अच्युतानंद मिश्रा, सचिव, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड