सितंबर में फस्र्ट तो दिसंबर तक सेकंड डोज का लक्ष्य पूरा करना है - बीएलओ लिस्ट लेकर घर-घर दे रहे दस्तक
भोपाल. वैक्सीन की फस्र्ट डोज न लगाने वाले लोगों की तलाश एक जोन में 30 बूथों पर चल रही है। बीएलओ घर-घर दस्तक दे रहे हैं। अभी तक के सर्वे में करीब ढाई हजार लोग ऐसे मिले हैं जिनको पहला डोज नहीं लगा। इसमें से काफी लोग बाहर हैं। उनके परिजनों की तरफ से ये जानकारी दी गई है। अवधपुरी में एक घर में जानकारी करने पहुंचे बीएलओ ने जब फस्र्ट डोज के बारे में पूछा तो परिजनों ने बताया कि सुरेश दो माह से बाहर हैं। इस कारण उनको पहला डोज नहीं लगा। जबकि ये क्षेत्र पहली और दूसरी लहर में कंटेनमेंट जोन बन चुका है। ये तो सिर्फ एक उदाहरण है ऐसे न जाने कितने लोग हैं, जो कभी कंटेनमेंट जोन में रहे, लेकिन पहला डोज लगाने से बच रहे हैं या फिर वे महीनों से बाहर हैं।
राजधानी को फस्र्ट डोज के मामले में पहले नंबर पर लाने के प्रयासों को लेकर एक साथ कई जोनों में बीएलओ और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सर्वे कर रहे हैं। इनकी सूची भी तैयार हो रही है, जिसे स्वास्थ्य विभाग की टीम को सौंपकर वैकसीनेशन कराया जा रहा है। कभी मोबाइन वैन तो कभी क्षेत्रीय स्तर पर कैम्प भी लगा रही हैं। अब तक 24 लाख 11 हजार 168 वैक्सीन के डोज लगाए जा चुके हैं। जिसमें से पहला डोज 17 लाख 44 हजार 159 को लगा है। दूसरा डोज 6 लाख 67 हजार 9 लोगों को।
सितंबर में फस्र्ट, दिसंबर तक सेकंड डोज पूरा कराना है
जिले में फस्र्ट डोज के सौ फीसदी वैक्सीनेशन लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक कलेक्टर अविनाश लवानिया ने संयुक्त टास्क फोर्स का गठन किया है। इसमें मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत भोपाल विकास मिश्रा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। एसडीएम हुजूर आकाश श्रीवास्तव, एसडीएम बैरागढ़, एडीएम दिलीप यादव, अपर आयुक्त नगर निगम, चंद्र प्रताप गोहल, एसडीएम टीटी नगर संजय श्रीवास्तव, एडीएम संदीप केरकेट्टा, अपर आयुक्त नगर निगम, शाश्वत मीना को अपने-अपने क्षेत्रों की जिम्मेदारी दी गई है। इसमें 15 सितंबर तक फस्र्ट डोज पूरा करने का लक्ष्य और दिसंबर माह के अंत तक दूसरा डोज पूरा करने का लक्ष्य अधिकारियों को सौंपा है