भोपाल

एमपी के इस शहर में पुराने कपड़ों से बनेगा धागा, यहां है देश का दूसरा सबसे बड़ा टेक्सटाइल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर

MP News: देश का दूसरा सबसे बड़ा टेक्सटाइल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर भोपाल में, नगर निगम पुराने कपड़ों से बनाएगा धागे

less than 1 minute read
Mar 23, 2025

MP News: शिवाशीष तिवारी. स्वच्छता में नंबर-1 पर आने के लिए राजधानी (Bhopal) में नित नए प्रयोग हो रहे हैं। कचरा निस्तारण के नए आयामों के तहत यहां देश का दूसरा सबसे बड़ा टेक्सटाइल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर (second largest textile recovery facility center of india) खुला है। यहां पुराने कपड़ों से नए कपड़े बनेंगे। बेकार ऊनी कपड़ों से ऊनी धागा बनेगा। नगर निगम के सहयोग से अन्ना नगर गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन में चल रहे सेंटर पर अभी होली में बदरंग हुए कपड़े पहुंच रहे हैं। 34 टन कपड़े आ चुके हैं। अप्रेल में धागा बनाने का काम शुरू होगा।

हर माह 18 टन पुराना कपड़ा हो रहा जमा

22 जनवरी को शुरू टेक्सटाइल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर में हर माह 18 टन पुराने कपड़े पहुंच रहे हैं। निगम की ट्रिपल आर गाड़ी क्षेत्रों से रोज 7 क्विंटल पुराने कपडे़ एकत्र कर रही है। निगम ने घरों से पुराने कपड़े जुटाने के लिए टेंडर निकाला है।

ऐसे बनते हैं धागे

● कपड़ों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा जाता है।

● रीसाइकिलिंग फिर कार्डिंग मशीन से कपड़ों को कॉटन फाइबर में बदलते हैं।

● रेशों को और साफ करके मिलाते हैं। ओपन-एंड मशीन में धागे बनते हैं।

कॉस्ट ऑफ कैपिटल

पानीपत में देश का सबसे बड़ा कपड़ा रीसाइकलिंग केंद्र है। इसे ‘दुनिया की कॉस्ट ऑफ कैपिटल’ कहते हैं। यहां देशभर से रोज 250 टन पुराने कपड़े आते हैं। अमरीका, कनाड़ा, ब्रिटेन, पश्चिमी यूरोप से कपड़े रीसाइकिल कर बेचते हैं।

यहां दे सकते हैं पुराने कपड़े

डीआइजी बंगला, आरिफ नगर, ईदगाह हिल्स, बैरागढ़, गोंडीपुरा, यादगार-ए-शाहजहांनी पार्क, जलीखेड़ा, दाना पानी, गोविंदपुरा, ट्रांसफर नगर, अन्ना नगर, भदभदा में कपड़ा संग्रहण केंद्र।23/03/2025


Published on:
23 Mar 2025 10:37 am
Also Read
View All

अगली खबर