mp news: भोपाल-देवास मार्ग (bhopal-dewas road) पर लागत से 500% ज्यादा टोल वसूला (toll tax) जा चुका है, फिर भी 2033 तक वसूली जारी रहेगी। जनता परेशान, सवाल विधानसभा और कोर्ट तक पहुंचे।
mp news: आपको यात्रा के दौरान कई टोल नजर आते होंगे। तब याल आता होगा कि आखिर टोल से वसूली (toll tax) कब तक होती रहेगी। दरअसल विधानसभा में लगे एक सवाल के जवाब में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिसमें पता चला है कि भोपाल-देवास (bhopal-dewas road) के बीच ऐसे टोल संचालित हो रहे है। जो अपने लागत का 500 प्रतिशत तक टोल वसूल चुके हैं, फिर भी संचालित हो रहे हैं। विधायक पंकज उपाध्याय और प्रताप ग्रेवाल के सवाल पर लोक निर्माण विभाग मंत्री द्वारा बताया गया कि 1360 करोड़ की लागत से बने टोल का 6522 करोड़ टोल वसूला जा चुका है।
सवाल के जवाब में बताया गया कि देवास भोपाल रोड पर जून 2025 तक लागत का लगभग 500 प्रतिशत, लेबड़ जावरा मार्ग पर 370 प्रतिशत एवं जावरा नयागांव रोड़ पर 575 प्रतिशत टोल वसूला गया है। और हैरानी की बात ये है कि देवास- भोपाल रोड में अभी 2033, जावरा मार्ग में 2038 और नयागांव रोड पर 2033 तक अभी लगातार टोल वसूला जाएगा।
पीडब्ल्यूडी मंत्री ने बताया कि लेबड़ जावरा तथा जावरा नयागांव सड़क मार्ग पर टोल रोड पर लागत से कई गुना अधिक टोल वसूली होने पर टोल वसूली बंद करने के लिए पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी, जो अभी विचाराधीन है। सवाल में यह भी पूछा गया कि सरकार कोर्ट में याचिका का विरोध कर जनता के हितों के बजाय निवेशकों के हितों की चिंता क्यों कर रही है।
जिसके जवाब में कहा कि अनुबंध के नियमों का पालन कर कोर्ट में सरकार का पक्ष रखा गया है। देवास-भोपाल टोल रोड पर निवेशक को मार्ग पर होने वाली हानि की संभावना को देखते हुए 31 करोड़ का अनुदान दिया गया तथा उससे कोई प्रीमियम भी नहीं लिया जाता है।
कांग्रेस पार्टी के विधायक प्रताप ग्रेवाल ने कहा कि सरकार टोल लगातार कई गुना वसूली करने के बाद भी सड़कों को दुरुस्त नहीं रख पा रही है। जिन रास्तों का 500 गुना टोल वसूला गया है एक बार उन रास्तों के हालातों और सुविधाओं को भी देखना चाहिए। वहीं कांग्रेस पार्टी के विधायक पंकज उपाध्याय ने कहा कि यह आम जनता के साथ धोखा है। सरकारों को ऐसे लूट के टोल को तत्काल प्रभाव से बंद करना चाहिए।