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MP Monsoon: अगस्त-सितंबर में भी मानसून करेगा तांडव, 15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

mp monsoon: मध्यप्रदेश में मानसून ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। जुलाई में भारी बारिश (heavy rain alert) से कई जिले जलमग्न हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगस्त और सितंबर में भी तांडव मचा देने वाली बारिश होगी। (weather update)

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भोपाल

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Akash Dewani

Aug 01, 2025

mp monsoon broke records heavy rain alert weather update

mp monsoon broke records heavy rain alert weather update (Patrika.com)

weather update: मानसून का आधा सीजन खत्म हो गया है। भोपाल में मानसून (mp monsoon) का आगमन 13 जून को हुआ था, तब से बारिश का क्रम जारी है। 61 दिन में 42 दिन बारिश हुई। इसमें जुलाई में जहां 26 दिन बारिश हुई, वहीं जून में 16 बदरा बरसे। मौसम विभाग ने अगस्त में 106 फीसदी बारिश का अनुमान जताया है।

इन जिलों में जारी हुआ अलर्ट

गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट- राजगढ़, आगर, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी। (heavy rain alert)

हल्की बारिश का अलर्ट- भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, मैहर और पांढुर्णा।

अगस्त और पूरे सीजन का आधे से ज्यादा कोटा

मानसून सीजन 1 जून से 30 सितंबर तक होता है। सीजन के दो माह बीत चुके हैं। मानसून मेहरबान है। इसीलिए अब तक 700.1 मिमी यानि 20 इंच बारिश हो चुकी है। जो पूरे सीजन के मुकाबले आधे से ज्यादा कोटा है। सीजन में 30 सितंबर तक 43 इंच बारिश होनी चाहिए। इस प्रकार अगस्त माह का भी आधा कोटा जुलाई में ही पूरा हो गया है। (weather update)

आगे भी अच्छी बारिश की उम्मीद

जुलाई की तरह अगस्त में भी अच्छी बारिश होगी। दूसरे और तीसरे सप्ताह में अच्छी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने 106 प्रतिशत बारिश की संभावना अगस्त में जताई है।- जीडी मिश्रा, मौसम विशेषज (weather update)

प्रदेश में बने बाढ़ जैसे हालत

प्रदेश के कई इलाकों में दो दिनों तक बारिश के बाद बाढ़ से हालात बिगड़ गए। गुना, शिवपुरी, मुरैना आदि में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। निचले इलाकों में पानी भर चुका है और कई जगहों पर सेना और एसडीआरएफ रेस्क्यू ऑपरेशन में लगी हैं। एक अनुमान के मुताबिक करीब तीन हजार लोग हताहत हुए हैं। भोपाल में भी सड़कें जलमग्न हो गईं। बहरहाल बारिश से कई शहरों का तापमान भी गिरा जिससे उमस से राहत मिली। (weather update)

बाढ़ में बह गए ताऊ और भतीजा

श्योपुर के ग्राम आमल्दा में पार्वती नदी की बाढ़ में बुधवार शाम ताऊ-भतीजे डूब गए, जिनके आपस में लिपटे हुए शव गुरुवार सुबह खेत में पड़े मिले। पुलिस ने बताया, राजेंद्र यादव (50) भतीजे शिवम (१३) के साथ खेत पर गए थे। जब नहीं लौटे तो परिजनों ने खूब ढूंढा, फिर गुरुवार को नदी का पानी कम होने से शव दिखाई दिए।

पार्वती नदी का जलस्तर बढ़‌ते देख गांव और नदी के बीच अपने खेत में रखे कुछ कृषि सामानों को हटाने के लिए गए थे। शाम तक वापस नहीं लौटे तो परिजनों से खूब तलाश किया, लेकिन नहीं मिले। गुरुवार सुबह जब नदी का जलस्तर कम हुआ तो दोनों के शव आपस में लिपटे हुए खेत में पड़े मिले।

दोनों बुधवार शाम खेत पर सामान हटाने गए थे। सुबह उनके शव खेत में मिले हैं। मर्ग कायम कर लिया है और पोस्टमॉर्टम कराकर शव परिजनों को दे दिए हैं।
शशि तोमर थाना प्रभारी, श्योपुर देहात

जबलपुर में 95, ग्वालियर में 90 साल का रेकार्ड टूटा

जबलपुर- लगातार बारिश ने 95 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। जुलाई के अंत तक 30.23 इंच बारिश हुई है। जबकि, सन 1930 में जुलाई के के अंत तक शहर में 44 इंच बारिश हुई थी।

ग्वालियर- जुलाई के 25 दिन शहर में झमाझम बारिश हुई। 90 साल बाद 1935 का रेकॉर्ड तोड़ते हुए बारिश ने 31.39 इंच का नया रेकॉर्ड बना दिया।