
मध्यप्रदेश में नए साल में बड़ी झंझट खड़ी हो गई है। प्रदेश के कई जिलों में बसें बंद हो गई हैं जिससे आवागमन ठप हो गया है। उमरिया में ही करीब 50 बसों के पहिए थमे रहे। शहडोल, रीवा सहित कई अन्य जिलों में भी बसों का संचालन प्रभावित हुआ। टेम्परेरी परमिट (टीपी) जारी न होने के कारण यह दिक्कत आई है। सबसे बुरी बात तो यह है कि यात्रियों को एक-दो दिन और परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
टेम्परेरी परमिट (टीपी) जारी नहीं होने के कारण प्रदेशभर में हजारों बसों के पहिए थम गए। बस संचालकों ने बसों को खड़ा कर दिया। बस नहीं चलने से बड़ी संख्या में यात्री परेशान होकर भटकते रहे। आरटीओ अधिकारियों के अनुसार हाई कोर्ट की गाइडलाइन के तहत टीपी अधिकतम 4 माह के लिए जारी की जाती है।
बसों के लिए टीपी जारी नहीं होने के संबंध में उमरिया आरटीओ संतोष पाल ने बताया कि हाईकोर्ट की गाइडलाइन है कि बसों की टीपी 4 माह के लिए ही जारी किए जाएं। ट्रांसपोर्ट कमिश्नर के निर्देश पर हमने परमिट जारी नहीं किए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अब बस संचालकों को 5 साल के लिए जारी किए जानेवाले स्थाई परमिट ही लेने होंगे।