भोपाल

ट्विशा केस: गिरिबाला सिंह और समर्थ से ट्विशा की संपत्ति बरामद, सीबीआई ने किया खुलासा

Twisha Sharma Case - सीबीआई ने कोर्ट में अहम खुलासा किया, अदालत को अवगत कराया गया कि ट्विशा का स्त्रीधन बरामद कर लिया
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Updated: 30 May 2026, 11:30 AM IST
Twisha's assets recovered from Giribala Singh and Samarth
Twisha's assets recovered from Giribala Singh and Samarth

Twisha Sharma Case - ट्विशा केस में सीबीआई, शनिवार को गिरिबाला और समर्थ सिंह को आमने सामने बैठाकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। दोनों आरोपी सीबीआई की ही रिमांड पर हैं। कोर्ट ने शुक्रवार को गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया था। सीबीआई ने हालांकि 7 दिन की रिमांड की मांगी थी जिसपर बचाव पक्ष के वकीलों ने कोई आपत्ति नहीं ली। इसके बाद भी कोर्ट ने दोनों आरोपियों की 5 दिन की ही रिमांड मंजूर की। सीबीआई ने इस दौरान कोर्ट में अहम खुलासा किया। अदालत को अवगत कराया गया कि ट्विशा का स्त्रीधन बरामद कर लिया गया है।

ऑर्डर पढ़कर गिरिबाला बोलीं- ये क्या..

सास गिरिबाला सिंह को दोपहर 2 बजे हस्ताक्षर के लिए कोर्ट ऑर्डर की कॉपी दी गई। उन्हें इसे पढ़कर दस्तखत करने को कहा गया। कोर्ट ऑर्डर की कॉपी में सीबीआइ ने जांच में सहयोग न करने की बात कही थी। इसे पढ़ते ही गिरिबाला सिंह व समर्थ सिंह ने इशारोंं में आपत्ति की। बाद में वकील ने दोनों को समझाया तब जाकर गिरिबाला सिंह ने कोर्ट ऑर्डर की कॉपी पर हस्ताक्षर किए।

इससे पहले सीबीआई ने दोपहर 12.30 बजे समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह को भोपाल कोर्ट में पेश किया। यहां
जांच अधिकारियों ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह की रिमांड की जरूरत जताई। कोर्ट को बताया गया कि मामले की जांच चल रही है। हालांकि कई अहम साक्ष्यों को बरामद करना है। कई बयानों का सत्यापन भी शेष है।

जांच अधिकारियों ने बताया कि ट्विशा का स्त्रीधन बरामद कर लिया

सीबीआई ने कोर्ट को ट्विशा की संपत्ति के संबंध में भी अहम जानकारी दी। जांच अधिकारियों ने बताया कि ट्विशा का स्त्रीधन बरामद कर लिया गया है। सास गिरिबाला सिंह, पति समर्थ सिंह और ट्विशा के मां-पिता व भाई आदि से इसकी जानकारी ली गई थी। आरोपियों, गवाहों व अन्य सभी स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर ट्विशा की संपत्ति ससुरालवालों से ले ली गई।

कानूनी रूप से क्या होता है स्त्रीधन

कानूनी रूप से स्त्रीधन (Stridhan) पर किसी महिला का जीवनभर पूर्ण और स्वतंत्र अधिकार होता है। यह संपत्ति, उपहार और नकदी के रूप में हो सकता है। खास बात यह है कि यह दहेज से बिल्कुल अलग होता है।

स्त्रीधन में क्या-क्या आता है?

उपहार और गहने: शादी के समय या किसी भी अन्य अवसर पर मायके या ससुराल पक्ष से मिले उपहार

संपत्ति: नकद, बैंक बचत (FDR), ज़मीन या मकान जो महिला के नाम पर हों

स्त्रीधन से जुड़े मुख्य कानूनी अधिकार

पूर्ण मालिकाना हक: भारतीय न्यायपालिका (सुप्रीम कोर्ट) के अनुसार, स्त्रीधन महिला की निजी संपत्ति है। इस पर उसके पति या ससुराल वालों का कोई कानूनी हक नहीं होता है।

Updated on:
30 May 2026, 11:30 AM IST
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