भोपाल

‘शी इज नो मोर’ कहने के 14 मिनट बाद दिया CPR, ट्विशा केस में नई टाइमलाइन से बड़ा सवाल

Twisha Sharma CBI investigation- ट्विशा शर्मा केस में सीबीआई किसी भी वक्त रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर सकती है...। क्योंकि सीबीआई अब मौत के बाद की टाइमलाइन पर पड़ताल कर रही है...।
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Updated: 28 May 2026, 9:12 AM IST
twisha sharma death case
बेटे समर्थ के बाद अब सीबीआई गिरिबाला सिंह को कभी भी हिरासत में ले सकती है।

Twisha Sharma death case- ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में धीरे-धीरे झोल सामने आते जा रहे हैं। स्थानीय पुलिस और एसआईटी के बाद अब पूरे मामले को सीबीआई की दिल्ली टीम ने टेकओवर कर लिया है। अब पूरी पड़ताल सीबीआई के अफसर ही कर रहे हैं। पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब रात 10.50 बजे ट्विशा को टेरेस पर फंदे पर लटका देखा। इसके तीन मिनट बाद ही ट्विशा की मां को फोन लगाकर कहा था कि शी इज नो मोर। लेकिन, हैरानी की बात यह भी है कि ठीक 11.07 बजे तीन लोग ट्विशा को सीपीआर देते नजर आ रहे हैं। खास बात यह है कि ट्विशा को दो घंटे बाद भोपाल के एम्स लेकर पहुंचे थे।

सीबीआई अब टेरेस पर जाने के बाद पूरे घटनाक्रम को सबसे अहम सबूत मान रही है। एजेंसी उन 40 मिनट की टाइमलाइन मेंजो भी हुआ उसकी कड़ी से कड़ी जोड़कर जांच में जुट गई है।

12 मई की रात क्या-क्या हुआ था

-रात 10.13 बजे ट्विशा बाएं हाथ में हेडफोन लेकर छत पर जाती हुई नजर आई।
-10.45 बजे ट्विशा की मां ने गिरिबाला को फोन पर सूचना दी कि वो रो रही है, फोन रिसीव नहीं कर रही है,उसे देखिए कहां है?
-10.50 पर गिरिबाला छत पर पहुंची। गिरिबाला के मुताबिक उन्होंने ट्विशा को फंदे पर लटका देखा। इसके तीन मिनट बाद ही ट्विशा की मां का फोन आया तो गिरिबाला ने कहा वह नहीं रही।
-सीसीटीवी फुटेज के अनुसार 1057 बजे गिरिबाला और समर्थ दोबारा छत पर जाते नजर आए। लगभग 11 बजे समर्थ का रिश्तेदार स्वराज भी दौड़ते हुए ऊपर पहुंचता है और डेढ़ मिनट बाद नीचे आता है। इसके बाद एक अन्य महिला भी टेरेस पर जाती हुई नजर आती है। खुद समर्थ के वकीलों का दावा है कि समर्थ ने ही ट्विशा को फंदे से उतारा था।
-11.07 बजे ट्विशा को फंसे से उतारकर सीढ़ियों पर ही सीपीआर दिया गया। हालत नहीं सुधरी तो ग्राउंड फ्लोर पर लाया गया।
-11.10 बजे एम्स के लिए यह लोग रवाना हो गए।
-एम्स के सीसीसीवी कैमरे में उनकी एंट्री रात 12.05 पर होती है।

यह है अहम सवाल

10.53 बजे मौत के बारे में सूचना देने के 14 मिनट बाद सीपीआर क्यों दिया गया?
10.50 से 11.07 बजे के बीच छत पर क्या-क्या हुआ। कौन-कौन वहां गया था।
समर्थ के रिश्तेदार का नाम कई दिनों बाद क्यों सामने आया।
ट्विशा को अस्पताल जाने में दो घंटे का समय क्यों लगा?

पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह को जमानत

घटना के बाद ट्विशा का पति समर्थ सिंह फरार हो गया था, जबकि गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत मिल गई थी। समर्थ सिंह जबलपुर कोर्ट में सरेंडर करने पहुंचा था, जहां पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर भोपाल कोर्ट में पेश किया। इसके बाद समर्थ को 7 दिन की रिमांड पर एसआईटी ने ले लिया था। इसके बाद यह पूरा मामला सीबीआई ने अपने हाथ में ले लिया। अब समर्थ सिंह सीबीआई के कब्जे में है। उससे पूछताछ जारी है। वहीं जबलपुर हाईकोर्ट में बुधवार शाम को गिरिबाला की अग्रिम जमानत को रद्द करने का फैसला सुरक्षित रख लिया था। लेकिन पांच घंटे बाद बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात 1 बजे बाद कोर्ट का फैसला सामने आया। हाईकोर्ट ने गिरिबाला सिंह की जमानत रद्द कर दी। अब सीबीआई कभी भी गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लेगी और बाकी की पूछताछ गिरिबाला सिंह से होगी।

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28 May 2026, 9:12 AM IST
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