
भोपाल। वर्तमान में लाइफस्टाइल के बदलाव के कारण कैंसर का खतरा आज हर घर तक पहुंच गया है। किचन में भी इतना रेडिएशन मौजूद है कि महिला को कैंसर हो सकता है। किचन में छौंका लगाते ही निकलने वाला धुआं, एलपीजी और वहां मौजूद अन्य तत्व क्रिया कर खतरनाक गैस बनाते हैं। इसलिए घर में छौंका लगाने के लिए बहुत कम तेल का यूज करना चाहिए। ये बात बीएमआरआई, ग्वालियर के डायरेक्टर संत कुमार भटनागर ने मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के पहले दिन बुधवार को कही।
वे रोल ऑफ एडवांस टेक्निक्स इन कैमिकल एण्ड इनवॉयमेंट साइंस विषय पर आयोजित सत्र में भाग लेने आए थे। उन्होंने कहा कि कॉस्मेटिक प्रोडक्ट भी कैंसर का खतरा पैदा करते हैं। नेल पॉलिश लगाने पर ठंडक का अहसास होता है। इसमें बेंजीन का इस्तेमाल किया जाता है। जो कैंसर का एक प्रमुख कारक है। इतना ही नहीं मांग में सिंदूर भरने से भी कैंसर हो सकता है। क्योंकि इसमें आर्सेनिक मिलाया जा रहा है। हालांकि ग्रीन और शुद्ध सामानों के इस्तेमाल से बचा भी जा सकता है।
खतरनाक विकिरण से हो सकता है कैंसर
उन्होंने स्टूडेंट्स से कहा कि प्रदूषण बढऩे और ओजोन परत के कमजोर होने के कारण धरती पर सूरज से खतरनाक विकिरण पहुंच रहा है। इसलिए जब भी धूप में निकलें शरीर के सभी अंगों को अच्छे से कवर करें। इसलिए जब भी धूप में निकलें शरीर के सभी अंगों को अच्छे से कवर करें।
पर्यावरण संरक्षण की करनी होगी पहल
मौके पर सांसद आलोक संजर और विधायक सुरेन्द्रनाथ सिंह भी मौजूद रहे। आलोक संजर ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने होंगे, नहीं तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। सेमिनार के तकनीकी सत्र में स्पेक्ट्रोस्कोपी, मेडिसिनल कैमिस्ट्री, न्यूक्लियर कैमिस्ट्री, बायोकैमिस्ट्री, एनालिटिकल कैमिस्ट्री, इंवॉरमेंटल, अवेयरनेस आदि विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए।