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Narayan Sai : दुष्कर्मी नारायण साईं गुजरात की जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा है। उसकी अस्थायी जमानत याचिका पर गुजरात हाईकोर्ट ने सुनवाई की और इसके बाद राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। इसके लिए 27 नवंबर की तारीख तय की है।रेप मामले में जेल में बंद नारायण साईं ने कहा है कि उनकी मां बीमार हैं, उनसे मिलने के लिए जमानत की सुविधा की दरकार है। उसने दुष्कर्म केस में कोर्ट द्वारा दी गई सजा और दोषसिद्धि को चुनौती देने वाली याचिका भी दाखिल की है। नारायण साईं पर यह केस आसाराम पर जोधपुर आश्रम में दुष्कर्म के आरोप लगने के बाद सूरत में दर्ज कराया गया था। दुष्कर्म का यह मामला दो बहनों का था। बड़ी बहन ने जहां आसाराम पर गलत काम करने की शिकायत दर्ज कराई थी वहीं छोटी बहन ने नारायण साईं पर उसके साथ दुराचार करने की बात कही थी। उसने जिन जगहों पर दुष्कर्म किया उसमें मध्यप्रदेश का भी एक आश्रम था। पिता पुत्र दोनों ही दुष्कर्म मामले में दोषी साबित हो चुके हैं।
गुजरात हाईकोर्ट के जस्टिस भार्गव डी करिया और जस्टिस हेमंत एम. प्रच्छक की खंडपीठ ने नारायण साईं की अस्थायी जमानत याचिका पर सुनवाई की। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त सरकारी अभियोजक ने प्रतिवादियों के नोटिस की तामीली स्वीकार की। हाईकोर्ट ने मामले में राज्य सरकार को नोटिस जारी किया। इसमें मामले में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।
नारायण साईं को 30 अप्रैल 2019 को दुष्कर्म का दोषी ठहराया गया था। सूरत की सत्र अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(f), 376(k), 376(n), 377, 354, 323, 504 और 506(2) के तहत उसे दोषी करार दिया। इनमें महिला से दुष्कर्म, एक ही महिला के साथ बार-बार दुराचार, अप्राकृतिक अपराध, आपराधिक धमकी देना आदि की धाराएं शामिल हैं। नारायण साईं को दुष्कर्म सहित कई अपराधों में संलिप्त पाया गया। कोर्ट ने उसे उम्रकैद की कठोर सजा सुनाई थी। नारायण साईं तभी से जेल में बंद है। नारायण साईं की जमानत याचिका पर अब 27 नवंबर को सुनवाई तय की गई है।
प्रभावित महिला की शिकायत के अनुसार नारायण साईं ने उससे आसाराम के कई आश्रमों में दुष्कर्म किया था। इसमें सूरत का जहांगीरपुरा आश्रम, साबरकांठा का गांभोई आश्रम और मध्यप्रदेश का मेघनगर आश्रम शामिल है।
Updated on:
4 Nov 2026, 1:04 PM IST
Published on:
4 Nov 2026, 12:17 PM IST
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