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मां की प्रतीकात्मक अर्थी से लिपटकर लेटा रहा मासूम, भोपाल में धरने में आया भावुक क्षण

Bhopal Protest : भोपाल में प्रतीकात्मक अर्थी बनकर मां कर रही थी प्रदर्शन, खेलता रहा मासूम बच्चा, कोरोना योद्धाओं का धरना
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भोपाल

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deepak deewan

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Updated: 4 Nov 2026, 8:12 AM IST

child lay upon a symbolic funeral bier representing his mother in bhopal

मां की प्रतीकात्मक अर्थी पर लेटा रहा मासूम image patrika

Bhopal Protest : कोरोना के सबसे कठिन दौर में कई लोगों ने आगे आकर अपनी जान जोखिम में डालकर आमजनों की सेवा की। राज्य सरकार ने संकट समाप्त होते ही इन कोरोना योद्धाओं की सेवाएं खत्म कर दी गई थीं जिसके कारण ये आर्थिक रूप से परेशान हो चुके हैं। मध्यप्रदेश में ऐसे करीब 4 हजार लोग हैं। इनकी माली हालत बहुत खराब हो चुकी है। वे राज्य सरकार से पुनर्नियोजन की मांग करते हुए धरना दे रहे हैं। इसमें प्रतीकात्मक अर्थी प्रदर्शन के दौरान एक भावुक क्षण आया। अर्थी बनी एक महिला का छोटा बच्चा उनसे लिपटकर लेटा रहा।

महामारी के दौरान बचाव के लिए राज्य सरकार ने कोरोना योद्धाओं की सेवाएं ली थीं। संक्रमण खत्म होने के बाद सरकार ने उन्हें निकाल दिया। सरकार ने बजट का हवाला देते हुए 1 अप्रैल 2022 से कोरोना योद्धाओं की सेवाएं समाप्त कर दीं। इस फैसले से प्रदेश के 4000 से अधिक कोरोना योद्धाओं और उनके परिवार के समक्ष रोजगार का संकट उत्पन्न हो गया। उनका कहना है कि कोरोना संक्रमण फैलने से रोकने के लिए अपनी जान तक जोखिम में डाली, इसके बावजूद काम से निकाल दिया।

बेरोजगारी और खराब आर्थिक हालत से कोरोना योद्धा परेशान हैं। उन्होंने राजधानी के नीलम पार्क में धरना शुरु किया। कोरोना योद्धाओं में स्वास्थ्यकर्मी, आयुष चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ शामिल है जोकि अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं।

मां की प्रतीकात्मक अर्थी पर खेलता रहा मासूम बच्चा

भोपाल में 20 दिन से नीलम पार्क में धरना दे रहे कोरोना योद्धाओं ने मंगलवार को उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल के आवास के सामने शव की प्रतीकात्मक अर्थी लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में उस समय भावुक क्षण आया जब एक बच्चा अपनी मां की छाती से लिपटकर धरने में बैठा रहा। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि दूसरे राज्यों की तरह मध्यप्रदेश में भी कोविड के दौरान नियुक्त आयुष चिकित्सकों और पैरामेडिकल कर्मचारियों को नौकरी पर बहाल किया जाए। प्रदर्शन के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने उन्हें बुधवार को बातचीत के लिए बुलाया है। कोरोना योद्धाओं को आज अपने समस्याओं के कुछ निराकरण की उम्मीद है।

धरने के दौरान मुंडन करा, डिग्री और मार्कशीट जलाकर विरोध प्रदर्शन किया गया। पुरुष कर्मचारियों द्वारा अर्धनग्न प्रदर्शन किया गया जबकि महिला स्वास्थ्यकर्मियों ने पीपीई किट पहनकर विरोध जताया। कफन ओढ़ने और भीख मांगने जैसे अनोखे तरीके से सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई।