
Bhopal news: ऑनलाइन खरीदारी जितनी आसान होती है, उतनी ही बड़ी समस्या भी खड़ी कर सकती है। खासकर जालसाजों के लिए लोगों को ठगना काफी आसान हो गया है। ऐसे में साइबर सेल की ओर से लोगों को हिदायत दी गई है कि त्योहार के सीजन में लुभावने ऑफर्स के लालच में न फंसे और सोशल मीडिया पर चल रहे सेल ऑफर्स से सावधान रहें। ताकि आपका खाता और रकम सुरक्षित रहे। एडिशनल डीसीपी साइबर शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि ऑनलाइन ठग कई बार नामी कंपनियों जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट बनाते हैं। इन पर कम कीमत में सामान, फ्री गिफ्ट और भारी छूट का लालच देते हैं। लोग वेबसाइट को असली समझकर भुगतान करते हैं और जालसालों की ठगी का शिकार हो जाते हैं।
स्टेशन बजरिया शंकराचार्य नगर निवासी 49 वर्षीय कृष्ण गोपाल के साथ ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। ठग ने इंस्टाग्राम पर सेलर अकाउंट बनाकर कमाई का लालच दिया और उनसे 97,177 रुपए ठग लिए। कृष्ण गोपाल ने पुलिस को बताया कि 26 सितंबर को इंस्टाग्राम पर मोबाइल नंबर पर संपर्क करने पर रवि कुमार सोनी नाम के व्यक्ति ने मीशो पर अकाउंट बनवाने और हर एक लाख रुपए के कारोबार पर 20 हजार रुपए कमीशन देने का झांसा दिया था। उन्होंने क्यूआर कोड पर आठ बार में 97, 177 रुपए जमा किए। बाद में रकम वापस मांगने पर आरोपी ने फोन उठाना बंद कर दिया। पीड़ित ने बताया कि आरोपी को रुपए अपनी मां के जेवर गिरवी रखकर दिए थे।
हबीबगंज निवासी 31 वर्षीय जगेश्वर ने ऑनलाइन खरीदारी के लिए ऑर्डर किया था। भुगतान करते ही वेबसाइट बंद हो गई। कुछ ही सेकंड बाद खाते से 31599 हजार रुपए निकल गए। ठग ने पेमेंट करने के लिए क्यू आर कोड भेजा था।
लोग भरोसेमंद वेबसाइट से ही खरीदारी करें: नागरिक किसी भी साइट पर ऑर्डर देने से पहले उसका पता पूरी तरह जांच लें। नामी कंपनी से मिलते-जुलते नाम वाली फर्जी वेबसाइट से सावधान रहें।
सोशल मीडिया लिंक से बचें: आमजन फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया पर मिलने वाले भारी छूट, फ्री गिफ्ट और कैशबैक की लालच में न आएं। किसी भी लिंक पर बिना जांच किए क्लिक न करें।
अनजान ऐप डाउनलोड न करें: किसी के कहने पर लिंक से ऐप डाउनलोड न करें। ऐप केवल आधिकारिक गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर से ही डाउनलोड करें और सुरक्षित रहें।
ओटीपी और पासवर्ड साझा न करें: बैंक या किसी कंपनी का कर्मचारी बनकर फोन करने वाले व्यक्ति को ओटीपी, पासवर्ड या बैंक की गोपनीय जानकारी न दें। इससे आपका धन और खाता सुरक्षित बना रहेगा।
पब्लिक वाई-फाई से भुगतान न करें: कैफे, होटल और रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थानों के वाई-फाई का इस्तेमाल करके बैंकिंग लेनदेन करने से बचें। आप इससे भी ठगी का शिकार हो सकते हैं।
रिफंड के नाम पर सतर्क रहें: आमजन पैसे वापस दिलाने का लालच देने वाले ऑफर पर किसी के कहने पर स्क्रीन साझा करने वाला या रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड न करें।
ऑर्डर और भुगतान का रिकॉर्ड रखें: भुगतान की रसीद, ऑर्डर की जानकारी और संबंधित संदेश सुरक्षित रखें। खरीदारी से पहले वेबसाइट की रेटिंग और ग्राहकों की प्रतिक्रियाएं भी जांचें।
लेनदेन का स्क्रीन शॉट सुरक्षित रखें: ऑनलाइन ठगी हो जाए तो साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। वहीं बैंक को सूचना देकर खाते और संबंधित भुगतान माध्यम को सुरक्षित कराने की प्रक्रिया शुरू करें। ठगी से जुड़े संदेश, फोन नंबर, वेबसाइट का पता और लेनदेन के स्क्रीन शॉट सुरक्षित रखें।