
Meenakshi Natarajan - मीनाक्षी नटराजन केस में दिल्ली में कांग्रेस की प्रेस कान्फ्रेंस हुई। यहां कांग्रेस नेताओं ने कहा कि चुनाव आयोग ने लोकतंत्र का गला घोंटा है। एमपी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि रिटर्निंग अफसर ने बीजेपी के दबाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन Meenakshi Natarajan का नामांकन निरस्त किया। उमंग सिंघार के अनुसार रिटर्निंग अधिकारी की बड़ी गलती है। वह खुद कह चुके हैं कि मैंने गलती की लेकिन इसी सरकार की नौकरी करनी है।
प्रेस कॉन्फ्रेस में मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि मेरे खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि चूंकि केस सुप्रीम कोर्ट में है इसलिए न्यायालय का सम्मान करते हुए अभी ज्यादा कुछ नहीं बोलूंगी।
एमपी विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि रिटर्निंग ऑफिसर ने गलती की है। मध्यप्रदेश की राज्यसभा सीट पर हुआ खेल अब पूरे देश के सामने आ चुका है। कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल द्वारा चुनाव आयोग को पूरी जानकारी दी गई थी इसके बावजूद सर्वोच्च न्यायालय में उनके वकील ने कहा कि "हमें इसकी जानकारी नहीं है"। आयोग का यह रवैया गंभीर सवाल खड़े करता है।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बोले कि देश के इतिहास में शायद यह पहला मामला है जब बिना किसी ठोस आधार पर नामांकन निरस्त कर दिया गया और फिर भाजपा उम्मीदवारों को आनन-फानन में विजयी घोषित कर दिया गया। उन्होंने पूछा- क्या लोकतंत्र अब Returning Officer की मनमानी और सत्ता के इशारों पर चलेगा? यदि निर्वाचित प्रतिनिधियों के नामांकन इस तरह खारिज किए जाएंगे, तो कल किसी भी विधायक और सांसद के अधिकार सुरक्षित नहीं रहेंगे।
उमंग सिंघार ने कहा कि यह केवल मीनाक्षी नटराजन का मामला नहीं है बल्कि यह संविधान, लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की रक्षा की लड़ाई है। उन्होंने दोहराया कि मध्यप्रदेश कांग्रेस विधायक दल लोकतंत्र की इस हत्या के खिलाफ सड़क से सदन और राष्ट्रपति भवन तक संघर्ष जारी रखेगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीनाक्षी नटराजन ने कहा- मामला सुप्रीम कोर्ट में है, मैं ज्यादा नहीं बोलूंगी। उम्मीदवार को अपने लंबित आपराधिक मामला की जानकारी देनी जरूरी है। दोषी ठहराए तो भी जानकारी देना जरूरी है। यह पब्लिक डोमेन में और इलेक्शन कमीशन की साइट पर भी है। दोनों ही बातें मुझ पर लागू नहीं होती हैं इसीलिए मेरा नामांकन निरस्त करना पूरी तरह गलत है। मुझे केवल एक लीगल नोटिस दिया गया था।
राष्ट्रपति भवन जाने से पुलिस के रोकने पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा, यह सरकार की तानाशाही है। उन्होंने रिटर्निंग ऑफिसर शर्मा पर गंभीर आरोप लगाए। उमंग सिंघार ने कहा कि रिटर्निंग ऑफिसर से किसी ने पूछा कि उन्होंने यह गलती क्यों की? रिटर्निंग ऑफिसर का जवाब आया- 'मुझे पता है मैंने गलती की है, लेकिन मुझे नौकरी करनी है। सरकार इन्हीं की है।'
उमंग सिंघार ने कहा, हालत देखिए कि रिटर्निंग ऑफिसर भी मान रहा है कि उसने दबाव में गलत काम किया है। चुनाव आयोग ही लोकतंत्र का गला घोंट रहा है।