
Ladli behna yojana: मध्यप्रदेश में महिलाओं को सशक्त बनाने वाली लाड़ली बहना योजना की 42वीं किस्त को लेकर जल्द ही इतंजार खत्म होने वाला है। माना जा रहा है कि दिवाली से पहले महिलाओं के खाते में रूपए आ सकते है। वैसे जानकारी के लिए बता दें कि लाड़ली बहनों के खाते में मोहन सरकार द्वारा DBT के माध्यम से हर महीने की 10 से 15 तारीख के बीच रुपए डाले जाते है लेकिन इस बार दिवाली के त्यौहार को देखते हुए माना जा रहा है कि किस्त के रुपए पहले ही आ सकते हैं। बता दें कि कुछ दिन पहले ही खबर आई थी कि मध्यप्रदेश सरकार ने इसे बढ़ाकर 3000 रुपये करने का खाका तैयार करना शुरू कर दिया है। लाड़ली बहना योजना की घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नर्मदा जयंती के मौके पर की थी और इसे 5 मार्च, 2023 को आधिकारिक तौर पर लॉन्च किया गया था।
लाड़ली बहना योजना के तहत सरकार हर महीने महिलाओं के खाते में 1500 रुपए डालती है। हालांकि 42वीं किस्त के लिए माना जा रहा है कि रूपए बढ़कर आ सकते है। बीती 41वीं किस्त में महिलाओं के खाते में 1500-1500 रुपए डाले गए थे। मुख्यमंत्री मोहन यादव कई बार लाडली बहना योजना की किस्त बढ़ाकर 3000 रुपए तक करने की बात कर चुके हैं लेकिन सरकार की तरफ से अभी तक इसकी कोई निश्चित तारीख नहीं बताई गई है कि कब तक ऐसा किया जाएगा। माना जा रहा है कि दिवाली में महिलाओं को खुशखबरी मिली सकती है।
लाड़ली बहना योजना के तहत साल साल 2025-26 में लाड़ली बहनों को रक्षाबंधन का तोहफा दिया गया था। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लाभार्थियों के लिए रक्षाबंधन के तोहफ़े के तौर पर 250 रुपये की अतिरिक्त राशि देने की घोषणा की थी, जिसे बाद में दिया भी गया। वहीं साल 2025 में दिवाली के बाद मासिक सहायता राशि को बढ़ाकर 1,500 रुपये किया गया। वहीं अब सरकार 2028 तक मासिक सहायता को धीरे-धीरे बढ़ाकर 3,000 रुपये करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इंदौर में योजना से 19,654 महिलाओं को बाहर किया जा चुका है। बाहर हुई महिलाओं में बड़ा हिस्सा उन महिलाओं का है, जिन्होंने 60 वर्ष की आयु पूरी कर ली। पिछले साढ़े तीन साल में 14,151 महिलाएं इसी वजह से योजना से बाहर हुईं। आंकड़े बताते हैं कि उम्र पूरी होने के कारण योजना से बाहर होने वाली महिलाओं की संख्या हर साल बढ़ रही है। 2024 में जहां 4,040 महिलाएं इस कारण बाहर हुई, वहीं 2026 में यह 5,150 हो गई।