भोपाल

UNICEF ने की सीएम डॉ. मोहन यादव की जमकर तारीफ, देशभर की प्रेरणा बनी मध्य प्रदेश सरकार

mp cm dr mohan yadav: सैनिटेशन और हाइजीन स्कीम को बताया मध्य प्रदेश की मोहन सरकार की अनूठी पहल, ये योजना लागू करने वाला मध्य प्रदेश पहला राज्य, आप भी जानें आखिर क्या है ये योजना और क्यों हो रही एमपी की मोहन सरकार की तारीफ...

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Aug 18, 2024
सीएम डॉ. मोहन यादव की अनूठी पहल पर बनाया गया ILLUSTRATION

mp cm dr mohan yadav: मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव इन दिनों देशभर में चर्चित चेहरा बन गए हैं। बाल अधिकारों के लिए काम करने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था यूनिसेफ (UNICEF) ने सीएम मोहन यादव की जमकर तारीफ की है। UNICEF को मध्य प्रदेश की मोहन सरकार की एक योजना बेहद पसंद आई। दरअसल एमपी में हाल ही में किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए मोहन सरकार ने सैनिटेशन एवं हाईजीन स्कीम शुरू की है। इसे UNICEF ने एक बेहतरीन योजना कहा है। UNICEF की भारतीय इकाई ने अपने X अकाउंट पर एक पोस्ट शेयकर करते हुए सीएम मोहन यादव की इस योजना को एक अनूठी पहल बताते हुए इसकी तारीफ की है।

11 अगस्त को 19 लाख छात्राओं के खाते में भेजी योजना की राशि

बता दें कि 11 अगस्त को भोपाल में छात्राओं का संवाद और सम्मान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में एमपी सीएम डॉ. मोहन यादव ने समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत सैनिटेशन एवं हाईजीन योजना के तहत 19 लाख छात्राओं के खाते में 57 करोड़ 18 लाख रुपए की राशि अंतरित की थी।

बता दें कि इस योजना में कक्षा 7 से 12 तक की छात्राओं को माहवारी (Menstruation) के दौरान सैनेटरी नैपकिन (sanitary napkins) खरीदने के लिए यह राशि अंतरित की गई थी।

इस योजना में विद्यालयों और महाविद्यालय की छात्राओं को माहवारी (Menstruation) स्वच्छता के महत्व और उनके उपायों के बारे में जानकारी दी जाती है। यह योजना स्कूल शिक्षा विभाग के समग्र शिक्षा अभियान के तहत संचालित की जा रही है।

बता दें कि यूनिसेफ ("UNICEF) की भारतीय इकाई भी भारत सरकार के साथ मिलकर स्कूल हाईजीन और मासिक धर्म संबंधी स्वास्थ्य जागरुकता (Menstrual Health Awareness) को बढ़ाने के लिए काम कर रही है।

नकद राशि देने वाला देश का पहला राज्य बन गया मध्य प्रदेश

बता दें कि मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार किशोरियों को सैनिटरी नैपकिन खरीदने के लिए नकद राशि प्रदान करने वाली भारत की पहली राज्य सरकार बन गई है। यह नकदी राज्य सरकार की सैनिटेशन एवं हाईजीन स्कीम के तहत प्रदान की जा रही है।

कई राज्यों में है मुफ्त सैनिटरी नैपकिन योजना

बताते चलें कि भारत में कई राज्य सरकारें किशोर लड़कियों को मुफ्त सैनिटरी नैपकिन प्रदान करती हैं, लेकिन उनमें से कोई भी लाभार्थियों को नकद राशि नहीं देती है। इसीलिए सैनिटरी नैपकिन के बजाय उसे खरीदने के लिए नकद राशि देने वाला मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य बना है।

एमपी सरकार की इस योजना की खासियत

  • 7वीं से 12वीं कक्षा तक की स्कूली लड़कियां ही इस नकद राशि की पात्र हैं।
  • उन्हें एक साल के लिए तीन सौ रुपए मिलेंगे।
  • सरकार ने 19 लाख से अधिक लाभार्थी छात्राओं को 57 करोड़ 18 लाख रुपए से ज्यादा की राशि पहली बार उनके खातों में ट्रांसफर की है।

बता दें की मध्य प्रदेश में पहले से ही सरकार की ओर से किशोरियों और महिलाओं के लिए उदिता योजना संचालित की जा रही है। महिला एवं बाल विकास परियोजना के तहत राज्य सरकार द्वारा 1 नवंबर 2016 को यह योजना शुरू की गई थी। इसमेंमहावारी (Menstruation) से जुड़े मिथक और वर्जनाओं से निपटने के लिए किशोरियों और महिलाओं को जागरूक किया जा रहा है। इसका क्रियान्वयन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के माध्यम से किया जा रहा है। उदिता योजना के तहत 18 से 49 वर्ष की आयु के किशोर और महिलाएं इस योजना के पात्र माने गए हैं।

अब सीएम ने शुरू की नकद राशि योजना

अब सीएम मोहन यादव ने स्कूली छात्राओं के लिए नैपकिन देने के बजाय नकद राशि का लाभ देना शुरू कर दिया है। इस बार अनूठी पहल करते हुए सीएम ने छात्राओं के खाते में पहली बार राशि ट्रांसफर की है।

सीएम ने कहा heartfelt thanks

एमपी सीएम डॉ. मोहन यादव ने अपने X अकाउंट पर UNICEF को धन्यवाद दिया है। सीएम ने कहा है कि मध्य प्रदेश के किशोरों और बच्चों के लिए काम करने की हमारी प्रतिबद्धता को विश्व स्तर पर मान्यता देने के लिए @UNICEFIndia को हार्दिक धन्यवाद।

इसके साथ ही सीएम मोहन यादव ने UNISEF की इस पोस्ट पर नजर आ रहे खूबसूरत चित्र के लिए भी धन्यवाद दिया है।


Published on:
18 Aug 2024 01:10 pm
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