- प्रोफेसरों की कमी दूर होगी, रिसर्च वर्क भी सांझा करेंगे
भोपाल। राज्यपाल की अध्यक्षता वाले विश्वविद्यालय सहायत संघ (कंसोर्टियम) सक्रिय हुआ है। वे एक दूसरे के यहां बेहतर प्रयोगों को देख रहे हैं। इसमें रिसर्च वर्क, विषय विशेषज्ञों के साथ शिक्षण कार्य में बेहतर प्रोफेसरों की सेवाएं भी शामिल हैं। इसके लिए विश्वविद्यालय एक दूसरे से करार करेंगे। कंसोर्टियम के सदस्य होने के नाते वे इसके लिए स्वतंत्र होंगे।
राज्यपाल लालजी टंडन की मौजूदगी में हाल ही में कंसोर्टियम का गठन हुआ है। राज्य के पांच छोटे विश्वविद्यालय राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के साथ आपसी करार भी कर चुके हैं। इसके तहत प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय इन विश्वविद्यालयों को उनकी जरूरत के मुताबिक आईटी संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। इसमें परीक्षा कार्यक्रम इत्यादि भी शामिल है। इससे इन विश्वविद्यालयों को अन्य निजी एजेंसी के प्रति निर्भरता समाप्त हो जाएगी।
अब भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, रीवा इत्यादि के बड़े विश्वविद्यालय भी आपसी समझौते की तैयारी कर रहे हैं। इनमें से कुछ विश्वविद्यालय ऐसे हैं जिनके यहां विषयों के एक्सपर्ट प्रोफेसर हैं। ये विश्वविद्यालय इन प्रोफेसरों की सेवाएं ले सकेंगे। इससे प्रोफेसरों की कम दूर होगी। रिसर्च वर्क भी एक दूसरे से सांझा करेंगे।
जनवरी माह में में बैठक की तैयारी -
विश्वविद्यालय संघ की जनवरी माह में बैठक की तैयारी है। राजभवन में प्रस्तावित इस बैठक में विश्वविद्यालय जानकारी सांझा करने के साथ एमओयू भी साइन कर सकते हैं। साथ ही संघ के नियम, निर्देशों का खाका भी तैयार किया जा रहा है।