भोपाल

Unmesh 2023: एशिया का सबसे बड़ा इंटरनेशल साहित्य उत्सव ‘उन्मेष 2023’ इस बार भोपाल में, राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू करेंगी शुभारंभ

Unmesh 2023: एशिया के सबसे बड़े इंटरनेशनल साहित्य उत्सव 'उन्मेष-2023' के आयोजन के लिए इस बार मप्र भोपाल को चुना गया है। 3-6 अगस्त तक आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू कर सकती हैं।

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Jul 28, 2023

Unmesh 2023: एशिया का सबसे बड़े इंटरनेशनल साहित्य उत्सव 'उन्मेष -2023' के आयोजन के लिए इस बार मप्र भोपाल को चुना गया है। 3-6 अगस्त तक आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू कर सकती हैं। इस कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू कर सकती हैं। हाल ही में ग्वालियर दौरे पर आने वाली देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अब राजधानी भोपाल आ सकती हैं। दरअसल अगस्त महीने के पहले हफ्ते में साहित्य उत्सव 'उन्मेष' का आयोजन किया जाना है। बताया जा रहा है कि आयोजन का शुभारंभ राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू भोपाल के रवीन्द्र संस्कृति में कर सकती हैं। आपको बता दें कि इस आयोजन में मप्र समेत चार प्रदेशों के राज्यपाल भी शिरकत करेंगे।

साहित्य उत्सव उन्मेष एशिया का सबसे बड़ा इंटरनेशनल आयोजन है। यह आयोजन 3 अगस्त से 6 अगस्त तक राजधानी भोपाल के रवीन्द्र भवन में आयोजित किया जाएगा। साहित्य अकादमी और संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली के संयुक्त आयोजन का शुभारंभ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी। इस आयोजन में दिन में साहित्य से जुड़ी एक्टिविटीज होंगी, तो शाम को सांस्कृतिक प्रस्तुति का रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

देश के कई राज्यों से पहुंचेंगे 36 जनजातीय दल

इस आयोजन में देश के राज्यों से 36 जनजातीय दलों को आमंत्रित किया गया है। हर दल में 12-12 दल लोक नृत्य की प्रस्तुतियां देंगे। पिछले साल शिमला में हुआ था कार्यक्रम पिछले साल यह आयोजन शिमला में आयोजित किया गया था, जबकि इस बार इस कार्यक्रम के लिए एमपी को चुना गया है। वह भी राजधानी भोपाल को इसमें शामिल किया गया है। इस कार्यक्रम में 75 से अधिक कार्यक्रमों में 100 भाषाओं के 575 से ज्यादा लेखक सहभागिता करेंगे। 13 अन्य देशों के लेखक भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।

उन्मेष का यह दूसरा संस्करण

बता दें कि उन्मेष का यह दूसरा संस्करण है। इस आयोजन में अंतर्राष्ट्रीय साहित्य उत्सव के साथ ही संगीत नाटक अकादमी उत्कर्ष शीर्षक से लोक और जनजातीय प्रदर्शन कलाओं का राष्ट्रीय उत्सव भी किया जाएगा। इसमें कविता, कहानी पाठ के अलावा भारतीय काव्य शास्त्र, भारतीय भक्ति साहित्य, सागर साहित्य, भारत की सांस्कृतिक विरासत, भारतीय नाटकों में अलगाव का सिद्धांत, विविधता में एकता, भारत की सौम्य शक्ति, सिनेमा और साहित्य, विदेशी भाषाओं में भारतीय साहित्य का प्रचार-प्रसार, चिकित्सकों का साहित्य, साहित्य और प्रकृति, मशीनों का उदय, लेखकविहीन साहित्य, रचनात्मक बढ़ाने वाली शिक्षा जैसी गतिविधियां होंगी।

4 प्रदेशों के राज्यपाल समेत शामिल होंगी कई हस्तियां

इस आयोजन में मध्यप्रदेश के राज्यपाल सहित तीन राज्यपाल भी शामिल होंगे। इस आयोजन में केरल के राज्यपाल, आरिफ मोहम्मद खान, छत्तीसगढ़ के राज्यपाल बिस्वा भूषण हरिचंदन, तेलंगाना की राज्यपाल तमिलिसाई सौंदरराजन, फिजी के राजपूत कमलेश शिश प्रकाश, एसएल भैरप्पा, शांतिश्री धुलिपुड़ी पंडित, वी कामकोटि, चंद्रशेखर कंबार, विश्वनाथ प्रसाद तिवारी, गौतम घोष, संजय रॉय, जयंत महापात्र, ऑस्कर पुयोल, तुलसी दिवस, एमए आलवार, सुरेश गोयल, गिरीश्वर मिश्र, चित्रा दिवाकारुणी, विष्णुदत्त, राकेश रमेश पोखरियाल चिशंकज, लिंडा हेंस, मामि यामदा, अमीष त्रिपाठी सहित अन्य शामिल होंगे।

Updated on:
28 Jul 2023 05:31 pm
Published on:
28 Jul 2023 05:29 pm
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