7 जून 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बिजली कंपनी के ’50 हजार’ नए पदों पर होगी भर्ती, मोहन सरकार का बड़ा फैसला

Power Company Recruitment: मोहन सरकार ने तीनों कंपनियों समेत पावर मैनेजमेंट, पावर जनरेटिंग समेत अन्य कंपनियों में 50 हजार नए पदों को मंजूरी दी है।

2 min read
Google source verification
Power Company Recruitment:

Power Company Recruitment: (Photo Source - Patrika)

Power Company Recruitment: मप्र विद्युत नियामक आयोग को जुलाई के अंत तक नया चेयरमैन मिल जाएगा। सरकार ने नियुक्ति संबंधी प्रक्रिया शुरू कर दी है। बिजली कंपनियों में अधिकारी, कर्मचारियों की भर्ती को भी तेजी से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। ये भर्तियों साल 2025 में स्वीकृत किए गए करीब 50 हजार नए पदों पर होंगी। साथ ही उन पदों को भी भरा जाएगा, जो नियमित सेवा से 40 से 50 साल पहले भरे गए थे लेकिन अब अधिकारी, कर्मचारियों के लगातार सेवानिवृत्त होने के कारण खाली हो रहे हैं।

कंपनियों ने बीते एक साल में 2 हजार से अधिक पदों पर भर्ती पूरी कर ली है। आयोग को चेयरमैन व कंपनियों को नए अधिकारी, कर्मचारी मिलने से प्रदेश के पौने दो करोड़ उपभोक्ताओं को कई सहूलियतें होंगी। बता दें, मोहन सरकार ने तीनों कंपनियों समेत पावर मैनेजमेंट, पावर जनरेटिंग समेत अन्य कंपनियों में 50 हजार नए पदों को मंजूरी दी है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि इनमें से 35 हजार पदों को सीधी भर्ती के जरिए भरेंगे, बाकी के 15 हजार पद, पदोन्नति के जरिए शीघ्र भरे जाएंगे।

चेयरमैन की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू, आवेदन 19 तक

मप्र विद्युत नियामक आयोग को जल्द ही चेयरमैन मिल जाएंगे। सरकार ने चेयरमैन की नियुक्ति संबंधी प्रक्रिया शुरू कर दी है। चयन के लिए हाईकोर्ट हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी बना दी है, जिसमें मुख्य सचिव मप्र व केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अध्यक्ष को सदस्य बनाया है। इच्छुक 19 जून तक अपर मुख्य सचिव ऊर्जा के कार्यालय में आवेदन कर सकेंगे। समिति को प्राप्त नामों की जांच-पड़ताल में से दो नामों की सिफारिश सरकार को करनी है। जुलाई के अंत तक चेयरमैन मिलना तय है।

इसलिए बच रही सरकार

  1. सभी पदों को एक साथ भरा गया तो 30 से 50 वर्ष बाद ये पद एक साल खाली होंगे, तब उपभोक्ता सेवाओं पर इसका विपरित असर पड़ सकता है, क्योंकि एक साल खाली होने वाले पद किसी भी हालत में एक साथ नहीं भरे जा सकेंगे।
  2. एक साथ या एक ही वर्ष में सभी पद भरे जाने से युवाओं को भी नुकसान होगा। जिन युवाओं की योग्यता अधूरी है और उम्र भी भर्ती के लिए नहीं हुई है, एक ही वर्ष में भर्ती से नुकसान होगा। वे भर्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकेंगे।