
भोपाल. लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा ने रविवार को तीन और उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। खजुराहो से प्रदेश महामंत्री वीडी शर्मा, रतलाम से जीएस डामोर और धार से छतरसिंह दरबार को प्रत्याशी बनाया है। खजुराहो सांसद नागेंद्र सिंह विधायक बन चुके हैं। खजुराहो में बाहरी उम्मीदवार को टिकट देने के विरोध के बीच वीडी को यह टिकट मिला है। धार सांसद सावित्री ठाकुर का टिकट कट गया है। उनकी जगह दो बार के सांसद रहे छतर सिंह दरबार को प्रत्याशी बनाया गया है। सावित्री का विरोध था। भाजपा 24 उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। वह भोपाल, इंदौर, विदिशा, गुना और सागर सीट पर अभी उम्मीदवार का फैसला नहीं कर पाई है।
जीत के लिए विधायक को बनाया प्रत्याशी
भाजपा ने झाबुआ विधायक जीएस डामोर को रतलाम से प्रत्याशी बनाया है। अभी तक वह विधायक को टिकट देने से परहेज कर रही थी। पीएचई में मुख्य अभियंता रहे डामोर विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सांसद कांतिलाल भूरिया के बेटे विक्रांत भूरिया को हराकर सुर्खियों में आए थे। डामोर का मुकाबला अब कांतिलाल भूरिया से है। भाजपा को डामोर से बेहतर विकल्प नहीं दिखा।
उम्मीदवारों की ताकत और कमजोरी
खजुराहो से वीडी शर्मा
ताकत- संघ का चेहरा, युवा मोर्चा और एबीवीपी के बड़े नेटवर्क पर पकड़। खजुराहो में ब्राह्मण वोट बैंक पर भरोसा। संगठनात्मक कुशलता।
कमजोरी - खजुराहो में जमीनी पकड़ नहीं। मूलत: चम्बल के नेता, बुंदेलखंड नया क्षेत्र। बाहरी होने पर विरोध। कभी भी चुनाव नहीं लड़ा।
धार से छतरसिंह दरबार
ताकत- 2 बार (1996, 2004) में सांसद चुने गए। अनुभवी नेता। क्षेत्र में जातिगत समीकरण।
कमजोरी- क्षेत्र में विरोध, टिकट कटने से वर्तमान सांसद समेत कई नेताओं के असंतोष।
रतलाम से जीएस डामोर
ताकत- झाबुआ से विधायक, पूर्व अधिकारी, शिवराज सिंह चौहान की पसंद, संसाधनों से मजबूत। भील जनजाति के वोट वैंक पर पकड़।
कमजोरी- पूरे संसदीय क्षेत्र पर पकड़ नहीं, विशेषकर रतलाम जिले की सीटों पर कमजोर।
शुरू हुआ विरोध
वीडी शर्मा को उम्मीदवार बनाने में संघ की चली है। उनका नाम प्रदेश के कई सीटों पर आता रहा। भोपाल से नाम आया तो बाबूलाल गौर ने विरोध किया। ऐसा ही मुरैना और विदिशा में भी हुआ। आखिर उन्हें खजुराहो मिला। वीडी की उम्मीदवारी के विरोध में भाजपा के कटनी-मुड़वारा से पूर्व विधायक राजू पोद्दार ने इस्तीफा दे दिया।