पूरे प्रदेश में कहीं लागू नहीं सवारी के लिए हेलमेट पहनने का नियम
भोपाल. मोटर व्हीकल एक्ट की किताबों में दबे नियम को निकालकर वन विहार के अंदर लागू करने के पीछे प्रबंधन की मंशा यहां वाहनों और पर्यटकों की संख्या नियंत्रित करने की नजर आ रही है। अधिकारियों का कहना है कि नियम धीरे-धीरे पूरी तरह लागू किया जाएगा। लोग इसका विरोध कर रहे हैं, क्योंकि चार पहिया वाहन में पर्यटक आसानी से जा रहे हैं, जबकि दोपहिया से पहुंचने वालों को हेलमेट का नियम बताकर लौटाया जा रहा है। जानकारों का कहना है कि वन विहार में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। गर्मी में ये संख्या बढ़ती है, वहीं गर्मी के चलते वन्यजीव भी वन विहार के पिछले भाग से नीचे की ओर आ जाते हैं। ऐसे में कोई बड़ी घटना न हो इसके लिए वन विहार प्रबंधन ने नियमों की आड़ में संख्या नियंत्रित करने का कदम उठाया है।
केस- 01
प्रोफेसर कॉलोनी निवासी शिव शर्मा अपने रिश्तेदारों को लेकर स्कूटर से वन विहार पहुंचे, तो उन्हें गेट पर चस्पा नोटिस से पता चला कि यहां तो चालक के साथ सवारी के लिए भी हेलमेट अनिवार्य है। ये देख मायूस शिव बैरंग लौट आए। वह कहते हैं कि व्यस्त सड़कों पर भी सवारी को हेलमेट नहीं पहनती। ये तो शांत क्षेत्र है, यहां क्या जरूरत है।
केस- 02
लालघाटी निवासी कमल कुमार बच्चों को लेकर दुपहिया वाहन से वन विहार पहुंचे, उन्हें बड़ी मशक्कत के बाद प्रवेश मिल सका। कमल ने बताया कि स्कूटर की डिक्की में एक हेलमेट की जगह होती है और हेलमेट लॉक भी एक के लिए होता है। सिर्फ वन विहार के लिए दूसरा हेलमेट कोई क्यों खरीदेगा। बेवहज लोगों को परेशान किया जा रहा है।
पर्यटकों पर एक नजर
45 हजार: एक महीने में
1000: सामान्य दिनों में
03 हजार: वीकएंड और छुट्टियों के दिन
वन विहार में साइकिलें
80: प्रबंधन के पास
55: चालू हालत में
12: निगम की साइकिल
दुपहिया वाहन चालक के साथ सवारी को भी हेलमेट पहनना उनकी सुरक्षा की दृष्टि से जरूरी है, पर्यटक बाड़ा देखते समय भले ही हेलमेट उतार सकते हैं। अभी लोगों के साथ ज्यादा सख्ती नहीं की जा रही है, यह नियम लागू रहेगा।
एसपी तिवारी, सीसीएफ एवं प्रभारी वन विहार