जानिए वास्तु शास्त्र के अनुसार कैसा होना चाहिए आपका घर, ध्यान रखें ये जरूरी बातें
भोपाल। जब भी घर बनाने की बात आती है तो लोगों के दिमाग में सबसे पहले वास्तु का ख्याल आता है। हर इंसान अपने घर को पूरी तरीके से वास्तु दोष से दूर रखना चाहता है, जिससे कि घर में सुख शांति बनी रहे। शहर के ज्योतिषाचार्य पंडित जगदीश शर्मा बताते है कि वातावरण और प्रकृति में सामंजस्य बनाए रखने के लिए प्राकृतिक बलों जैसे जल, पृथ्वी, वायु, अग्नि और आकाश के बीच परस्पर क्रिया होती है, जिसका व्यापक प्रभाव इस पृथ्वी पर रहने वाली मानव जाति पर पड़ता है। इन्हीं पांच तत्वों के बीच में होने वाली आपसी क्रिया को वास्तु शास्त्र माना जाता है। इसके बदलने से घर को वास्तु पर भी प्रभाव पड़ता है।
सुख-शांति के लिए जरूर है वास्तु
आपको बता दें कि घर की सुख-शांति के लिए घर का मुख्य दरवाजा बहुत खास होता है। ये दरवाजा घर ही नहीं बल्कि आपकी जिंदगी में भी बहुत खास माना जाता है। घर के प्रवेश द्वार से ही सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा घर के अंदर आती है। इसी दरवाजे से मां लक्ष्मी का प्रवेश भी होता है। वास्तुशास्त्र के अनुसार आपकी जिंदगी की काफी समस्याओं को वास्तु सुलझा सकता है। इसीलिए ध्यान रहे कि घर के मेन गेट के पास गणेश जी की प्रतिमा को जरूर लगाएं। इससे घर में सुख शांति बनी रहती है।
घर के सामने न हो पेड़
वास्तु के अनुसार घर के सामने ऐसा कुछ भी नहीं होना चाहिए जिससे घर पर परछाई पड़े। घर पर पड़ने वाली किसी भी ऊंची चीज की परछाई घर पर नकारात्मक प्रभाव डालती है। इसीलिए कहा जाता है कि घर के सामने खंभा या परछाई नहीं होनी चाहिए। ध्यान रहे के घर के मेन गेट के सामने रोज स्वास्तिक बनाएं। साथ ही मेन गेट के आस-पास तुलसी का पौधा होना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से घर में प्रवेश करने वाली सारी नकारात्मक ऊर्जा, सकारात्मक ऊर्जा में बदल जाती है।
दिशा
जब भी घर बनवाएं या घर खरीदे तो इस बात का विशेष ध्यान रखें कि घर का मुख्य दरवाजा दक्षिण-पश्चिम दिशा में नहीं होना चाहिए। घर का प्रवेश द्वार हमेशा उत्तर-पूर्व की ओर या फिर दक्षिण-पूर्व की ओर होना चाहिए। इससे माता लक्ष्मी की हमेशा आप पर कृपा बनी रहती है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। घर के मेन गेट के पास किसी भी भगवान की एक प्रतिमा जरूर लगाएं। इससे कृपा बनी रहती है।
न हो ऐसे दरवाजे
घर के अंदर हमेशा इस बात का ध्यान रखें कि घर का जो भी मुख्य दरवाजा हो वह घर के अन्य दरवाजों से बड़ा न हो। जहां तक संभव हो घर के दरवाजों को दो पल्लों वाला बनवाएं। दो पल्लों के दरवाजों को वास्तु के हिसाब से सही माना जाता है। इससे घर की आर्थिक स्थिति सही रहती है साथ ही घर में सकारात्मकता का प्रवेश होता है।
न हो ऐसी नेमप्लेट
घर पर वास्तु के मुताबिक एक नेमप्लेट लगानी चाहिए। ऐसा माना जाता है कि नेमप्लेट आपके घर में धन, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य को आमंत्रित करता है। नेमप्लेट को हर रोज साफ करें और इस पर धूल न चढ़ने दें। समय समय पर इसको साफ करते रहे।