मोदी सरकार ने आम लोगों, दलितों, समाज के कमजोर वर्गों तथा गांव, गरीब, किसानों के लिए ‘स्टैंड अप इंडिया’ की शुरुआत कर चुकी है की। इसके तहत देश भर में फैली बैंकों की सवा लाख शाखाएं अनुसूचित जाति-जनजाति और महिला वर्ग की उद्यमियों को कारोबार के लिए एक करोड़ रुपये तक का कर्ज उपलब्ध कराएगी। इससे देशभर में 2.5 लाख उद्यमी पैदा होंगे। प्रत्येक बैंक शाखा को नया उपक्रम लगाने के लिए 10 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये तक के कम से कम दो ऋण बिना कुछ गिरवी रखे देने होंगे।