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Ahmedabad: ब्लड प्रेशर की ‘नकली दवा’ बेचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश

गुजरात और यूपी तक फैला नेटवर्क, क्राइम ब्रांच , ड्ग्स विभाग का संयुक्त ऑपरेशन, लखनऊ, अहमदाबाद से तीन आरोपियों को पकड़ा
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अहमदाबाद क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में आरोपी।

Ahmedabad. अहमदाबाद शहर पुलिस व खाद्य एवं औषधि नियमन प्रशासन (एफडीसीए) की संयुक्त टीम ने ब्लड प्रेशर (बीपी) की नकली दवा बनाकर बेचने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। शहर क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई करते हुए अहमदाबाद और लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में दबिश देकर गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

क्राइम ब्रांच के तहत मामले का खुलासा तब हुआ जब 19 अगस्त को 'जे.बी. केमिकल्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड' (जीआईडीसी अंकलेश्वर) ने गांधीनगर स्थित एफडीसीए आयुक्त को लिखित शिकायत दी। कंपनी ने बताया कि उनकी बीपी की दवा का नकली स्टॉक बाजार में बेचा जा रहा है। मामले की जानकारी राज्य के स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया को दी गई। उन्होंने इस मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। अहमदाबाद पुलिस आयुक्त को मामला सौंपा गया, जिस पर क्राइम ब्रांच और ड्रग्स विभाग की संयुक्त टीमों ने जांच शुरू की।

जांच टीमों ने जब मेडिकल स्टोर्स के स्टॉक की पड़ताल की, तो नेटवर्क की परतें खुलती चली गईं। अहमदाबाद व नडियाद कनेक्शन सामने आया। पालडी (अहमदाबाद) स्थित 'पार्श्व मेडिकल एजेंसी' से इस दवा की सप्लाई हुई थी। वहीं, नडियाद के पटेल बेकरी रोड स्थित 'किशान मेडिकल स्टोर' से भी 30 स्ट्रिप (पत्ते) जब्त किए गए। भुज (कच्छ) में 'नवकार मेडिकल एजेंसी' और 'महादेव मेडिकल एजेंसी' से भी इसी बैच की नकली दवाएं मिलीं।

जांच में सामने आया कि अहमदाबाद में यह स्टॉक उत्तरप्रदेश के लखनऊ के सेना मेडिकल से सप्लाई किया गया था। जबकि कच्छ में यह स्टॉक जयपुर (राजस्थान) स्थित 'ए.वी.आर. मेडिकोज' से सप्लाई किया गया था।

क्राइम ब्रांच के एसीपी भरत पटेल ने बताया कि जांच के दौरान 12 सौ पत्ते जब्त किए गए। तीन आरोपियों को पकड़ा है। यह नकली दवाईयां कहां बन रही थीं, उसकी जांच की जा रही हैं। 12 सौ पत्ते की तलाश की जा रही है।

लखनऊ, जयपुर से भेजी गई थीं नकली दवाएं

जांच में सामने आया कि नकली दवा के तार उत्तरप्रदेश के लखनऊ से जुड़े हैं। अहमदाबाद विभाग के सीनियर ड्रग्स इंस्पेक्टर शिरीषभाई गणास्वा ने इसकी शिकायत क्राइम ब्रांच में दर्ज कराई। पुलिस की अलग-अलग टीमों ने जयपुर, लखनऊ और अहमदाबाद में छापेमारी कर मुख्य उत्पादकों व अन्य कड़ियों की तलाश की।

कमीशन, कमाई के चक्कर में बेचते नकली दवाई

क्राइम ब्रांच की टीम ने पालडी वासणा से बुधवार की रात को दर्शिल संघवी (39) को पकड़ लिया। जांच में पता चला कि अहमदाबाद में दवा का यह थोक व्यापारी है। यह फर्जी दवाओं का स्टॉक लखनऊ से मंगवाकर अहमदाबाद व अन्य शहरों के सब-डिस्ट्रीब्यूटर्स को बेचता था। इसके अलावा टीम ने उत्तरप्रदेश के लखनऊ में बख्शी का तालाब क्षेत्र के गुमानी पुरवा निवासी देवेंद्र यादव (39), और रस्तोगी टोला निवासी उमंग रस्तोगी (34 ) को गिरफ्तार कर लिया। यह दोनों ही नकली दवा को गुजरात भेजते थे। जांच में सामने आया कि देवेंद्र भारी डिस्काउंट के चक्कर में नकली दवाएं खरीदकर गुजरात में सप्लाई करता था। जून 2026 में महाराष्ट्र के पुणे शहर के विश्रामनगर पुलिस स्टेशन में डुप्लीकेट दवा के केस में पकड़ा जा चुका है। वहीं रस्तोगी ऊंचे दामों पर दवा बेचने वालों से माल खरीदकर गुजरात में सप्लाई करवाता था। खरीद-बिक्री के बीच मोटा कमीशन लेता था। जून 2026 में पुणे विश्रामनगर पुलिस स्टेशन में डुप्लीकेट दवा केस में यह भी गिरफ्तार हो चुका है।