भोपाल

स्किल डेवपलमेंट के लिए वोकेशनल कोर्स शुरू किए लेकिन सिलेबस अब तक तैयार नहीं

- नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने की जल्दबाजी के चक्कर में प्रदेशभर के विद्यार्थियों के भविष्य से किया जा रहा खिलवाड़
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Oct 18, 2021
स्किल डेवपलमेंट के लिए वोकेशनल कोर्स शुरू किए लेकिन सिलेबस अब तक तैयार नहीं
स्किल डेवपलमेंट के लिए वोकेशनल कोर्स शुरू किए लेकिन सिलेबस अब तक तैयार नहीं

भोपाल. उच्च शिक्षा विभाग द्वारा नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू कर विद्यार्थियों के साथ सीधे तौर पर खिलवाड़ किया जा रहा है। इसमें स्नातक प्रथम वर्ष से विद्यार्थियों को वोकेशनल कोर्स अनिवार्य रूप से पढऩा है। 1 सितंबर से नया शैक्षणिक सत्र 2021-22 शुरू हो गया है। 14 अक्टूबर तक प्रदेश भर के सरकारी और निजी कॉलेजों में 4 लाख 77 हजार से अधिक विद्यार्थी स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश ले चुके हैं। लेकिन वोकेशनल कोर्स में ये विद्यार्थी क्या पढ़ेंगे, इसकी खबर कॉलेजों को भी नहीं है। दरअसल, इनके लिए उच्च शिक्षा विभाग अब तक सिलेबस ही तैयार नहीं कर सका है। विभाग द्वारा मुख्य विषय, गौड़ व वैकल्पिक विषयों के सिलेबस भी सत्र शुरू होने के बाद ही जारी किए गए थे।

अब हालात ऐसे बन गए हैं कि कौशल विकास के नाम पर विद्यार्थियों के पास डिग्री, डिप्लोमा सर्टीफिकेट तो हैं, लेकिन उनके पास संबंधित क्षेत्र में कौशल होगा, इसकी कोई गारंटी नहीं होगी। वोकेशनल कोर्स के नाम पर उन्हें मिला सर्टीफिकेट कागज के तुकड़े से अधिक कुछ नहीं होगा। पूरी तैयारी के साथ लागू की गई नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति विद्यार्थियों के लिए जितनी वरदान साबित हो सकती थी। लेकिन जिम्मेदारों द्वारा क्रेडिट लेने और वाहवाही लूटने के चक्कर में यही नीति विद्यार्थियों को नुकसान पहुंचा सकती है। इसका असर सत्र 2021-22 में दाखिला लेने वाले सभी विद्यार्थियों पर पड़ेगा। बिना तैयारी के जिम्मेदार लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को दांव पर लगा रहे हैं।

4 क्रेडिट का है वोकेशनल कोर्स
कौशल संवर्धन पाठ्यक्रम के नाम पर वोकेशनल कोर्स शुरू किया। प्रथम वर्ष कुल 40 क्रेडिट का है। इसमें से वोकेशनल कोर्स 4 क्रेडिट का है। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग अलग-अलग क्षेत्र में विद्यार्थियों में कौशल उन्नयन (स्किल डेवलमेंट) के लिए सिर्फ टाइटल ही तय कर सका है। वहीं नए सत्र में से डेढ़ महीना बीत चुका है लेकिन वोकेशनल कोर्स पढ़ाने की शुरुआत सिर्फ दिखावा लग रही है।

भीड़ का हिस्सा बना उत्कृष्टता संस्थान...

प्रदेश का एक मात्र उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान भी अन्य सरकारी और निजी कॉलेजों की भीड़ में शामिल हो गया है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा वोकेशनल कोर्स का सिलेबस जारी नहीं करने के कारण यहां भी स्नातक पहले वर्ष के विद्यार्थियों की कक्षाएं शुरू नहीं हो सकी। खास बात यह है कि इस संस्थान में वर्ष 2012 से वोकेशनल कोर्स की सेल संचालित की जा रही है। इसमें करीब 39 वोकेशनल (डिप्लोमा, सर्टीफिकेट आदि) कोर्स संचालित होते हैं। इनमें न सिर्फ संस्थान के स्थानीय बल्कि बाहरी विद्यार्थी भी प्रवेश ले सकते हैं। इस मामले में संस्थान के पास पहले से विशेषज्ञता है। लेकिन विभागीय कार्यप्रणाली का नकारात्मक प्रभाव इस पर भी पड़ रहा है। प्रदेश में उत्कृष्टता संस्थान और टीआरएस रीवा दो ऐसे शासकीय कॉलेज हैं जिनमें सेमेस्टर सिस्टम हैं। ऐसे में सबसे अधिक नुकसान इनके विद्यार्थियों को होगा क्योंकि इनके पास अन्य कॉलेजों के विद्यार्थियों की अपेक्षा कम समय है।

रोजगार के अवसर बढ़ाते हैं वोकेशन कोस...र्
उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान की वोकेशनल सेल की प्रभारी डॉ. कल्पना मलिक बताती हैं कि वोकेशनल कोर्स एक तरह एड ऑन कोर्स कहलाते हैं। लेकिन नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत इसे अनिवार्य विषय के रूप में हर विद्यार्थियों को उनकी रूचि के अनुसार पढ़ाया जाना है। यह कोर्स विद्यार्थियों में स्किल डेवलपमेंट करने के उद्देश्य से डिजाइन किए जाते हैं। इससे विद्यार्थियों की इम्लॉयबिलिटी बढ़े। बीए,बीएससी,बीकॉम की रूटीन पढ़ाई उनमें एक निश्चित क्षेत्र की एक्सट्रा नॉलेज बढ़ती है। संस्थान के डायरेक्टर प्रो. प्रज्ञेश अग्रवाल ने बताया कि संस्थान 24 नए वोकेशनल कोर्स शुरू करने के लिए विभाग को पत्र लिखा है। मंजूरी मिलते ही संस्थान यह कोर्स भी शुरू करेगा।

वर्जन...

वोकेशनल कोर्स के सिलेबस 25 अक्टूबर तक आ जाना चाहिए। सिलेबस बन चुके हैं। अप्रूवल के लिए गए हैं। अभी लगातार छुट्टियां नहीं पड़ती तो 20 अक्टूबर तक ही सिलेबस आ जाता। जब हमारा सिलेबस आ जाएगा तो उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान में भी इनकी कक्षाएं शुरू हो जाएंगी। सिलेबस सब जगह एक जैसा ही रहेगा।
डॉ. धीरेंद्र शुक्ल, ओएसडी, उच्च शिक्षा विभाग

Published on:
18 Oct 2021 10:46 pm