दस्तावेजों की जांच के बाद सीबीआई ने दिलीप गुप्ता की गिरफ्तारी की...
भोपाल। व्यापमं में हुए विभिन्न परीक्षा घोटालों के मामलों में व्यापमं के तत्कालीन अधिकारियों से साठगांठ कर परीक्षार्थियों का फर्जी चयन कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शाहपुरा निवासी दिलीप गुप्ता को सीबीआई गिरफ्तार नहीं कर सकी। अमन अपार्टमेंट शाहपुरा निवासी दिलीप गुप्ता सोमवार शाम खुद का पेन कार्ड, पहचानपत्र और लाइसेंस लेकर सीबीआई के प्रोफेसर कॉलोनी स्थित दफ्तर पहुंच गया। गुप्ता के सीबीआई ऑफिस पहुंचने के बाद व्यापमं से जुड़े परीक्षा घोटालों की केस डायरी खंगाली गईं। पेन कार्ड, लाइसेंस, पहचान पत्र देखकर, सीबीआई के अधिकारियों को यकीन हुआ कि यह वही दिलीप गुप्ता है, जिसके खिलाफ व्यापमं में हुए परीक्षा घोटालों के मामले में स्थाई वारंट जारी है। दस्तावेजों की जांच के बाद सीबीआई ने दिलीप गुप्ता की गिरफ्तारी की।
सीबीआई ने मंगलवार को दिलीप गुप्ता को अदालत में पेश कर दुग्धसंघ परीक्षा घोटाले के मामले में पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर सौंपने की मांग की। विशेष सत्र न्यायाधीश सीबीआई भूपेन्द्र सिंह की अदालत में सीबीआई के एसपी भारतेन्दु शर्मा दिलीप गुप्ता को लेकर पहुंचे। शर्मा ने दिलीप गुप्ता से पैसों के लेनदेन में, मध्यस्थ की भूमिका, किन-किन परीक्षार्थियों का फर्जी चयन कराया से संबंधित पूछताछ के लिए 5 दिन के रिमांड पर सौंपने की मांग की। अदालत ने इसे स्वीकार कर गुप्ता को १६ सितंबर तक पुलिस रिमांड सीबीआई को सौंपा है।
व्यापम में हुए विभिन्न परीक्षा घोटालों के मामलों में एसटीएफ-सीबीआई को दिलीप गुप्ता की तलाश थी। गुप्ता पर आरोप है कि उसने व्यापम के अधिकारियों से सांठ-गांठ कर विभिन्न परीक्षा घोटालों में परीक्षार्थियों का फर्जी चयन कराने में मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी। व्यापम के पीएमटी, प्रीपीजी, दुग्ध संघ परीक्षा घोटालों में भूमिका निभाने वाले दलाल तरंग शर्मा के साथ भी दिलीप गुप्ता की साठगांठ थी। जिला अदालत से करीब २ साल पहले ११ मई २०१५ को स्थायी वारंट जारी किया गया था। पूर्व में गिरफ्तारी नहीं हो पाने पर एसटीएफ ने हार थककर दिलीप गुप्ता के खिलाफ अदालत से स्थाई वारंट जारी कराया था। एसटीएफ ने बताया था कि गुप्ता के ठिकानों पर कई बार दबिश के बावजूद गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है।