भोपाल। प्रदेश में इन दिनों मौसम शुष्क बना हुआ है। अधिकांश स्थानों पर घना और मध्यम कोहरे की स्थिति है। वातावरण में नमी, विपरीत दिशाओं की हवा का मिलन के कारण इस समय प्रदेश के उत्तर और पश्चिमी हिस्सों में अधिकांश स्थानों पर कोहरे की स्थिति बन रही है।
अगले दो तीन दिन मौसम इसी तरह रहने की संभावना है। वहीं 29 दिसंबर से एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके असर के कारण 30 दिसंबर से 2 जनवरी तक प्रदेश में अनेक स्थानों पर बादल, बारिश के साथ ओलावृष्टि के आसार बने हुए हैं।
बीते दिन भिंड, मुरैना, ग्वालियर और दतिया में अतिघना कोहरा रहा, इसी प्रकार शिवपुरी, श्योपुर कला, अशोक नगर, विदिशा, भोपाल, टीकमगढ़, छतरपुर में घना से मध्यम कोहरा रहा। सुबह कोहरे के बाद दिन में धूप भी खिलती रही। सोमवार को अधिकतम और न्यूनतम तापमान में बहुत ज्यादा परिवर्तन नहीं हुए हैं। प्रदेश में सबसे सर्द राजगढ़ रहा, यहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री दर्ज किया गया। प्रदेश में फिलहाल अधिकांश स्थानों पर न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से अधिक बने हुए हैं।
इसलिए बन रही कोहरे की स्थिति
मौसम विज्ञानी का कहना है कि इस समय उत्तर से ठंडी हवा आ रही है, जबकि पूर्व से गर्म हवा चल रही है। दोनों हवाओं के मिलन के कारण कोहरे की स्थिति बन रही है, वहीं पूर्वी हवा के चलते पूरी तरह से सर्द हवा का प्रवेश नहीं हो रहा है। इसके कारण तापमान में बहुत ज्यादा गिरावट नहीं हो रही है। अभी एक दो दिन मौसम का मिजाज इसी तरह रहेगा। वहीं नए साल का शुरुआती सप्ताह तक मौसम में उतार-चढ़ाव दिखेगा।
आज भी 25 से अधिक स्थानों पर कोहरे की संभावना
मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों के दौरान ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना में अतिघना, छतरपुर, टीकमगढ़ निवाड़ी में घना, नीचम, अशोक नगर, विदिश, भोपाल, शाजापुर, आगरमालवा जिलों में मध्यम से घने से मध्यम कोहरे की संभावना जताई है, इसी प्रकार प्रदेश में अन्य स्थानों पर हल्के से मध्यम कोहरे की संभावना जताई है।
पश्चिमी विक्षोभ से फिर बारिश और ओलावृष्टि के आसार
मौसम विभाग के अनुसार अगले दो तीन दिन मौसम इसी तरह रहने की संभावना है। न्यूनतम तापमान में हल्का उतार चढ़ाव का दौर जारी रहेगा। इसके बाद 29 दिसंबर से एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। यह विक्षोभ मजबूत होने की संभावना है, ऐसे में इसके असर के कारण 30 दिसंबर से 2-3 जनवरी तक प्रदेश में अनेक स्थानों पर बादल, बौछारों के साथ कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है।