भोपाल के द्रोणांचल मिलिट्री एरिया में पिछले डेढ़ महीने से जिस तेंदुए का मूवमेंट था, वह अब रातापानी सेंचुरी में रहेगा। सोमवार को वह पिंजरे में फंसा था। मंगलवार को उसे रेडियो कॉलर लगाकर रातापानी सेंचुरी में छोड़ दिया गया। इससे पहले उसकी स्वस्थ्य जांच की गई। जिसमें वे स्वस्थ्य पाया गया। इस कारण उसे प्राकृतिक रहवास में छोड़ने का निर्णय लिया गया।मंगलवार को वन विहार के वन्यप्राणी चिकित्सक डॉ. अतुल गुप्ता, डॉ. प्रशांत देशमुख और डॉ. रजत कुलकर्णी ने तेंदुए की जांच की। इसके बाद उसे छोड़ दिया गया।
गुफा मंदिर के पास से पिंजरे में आया था
द्रोणांचल मिलिट्री एरिया में पिछले डेढ़ महीने से तेंदुए का मूवमेंट था। इसके चलते वन विभाग ने यहां पिंजरा लगाया था। जिसमें रविवार रात में तेंदुआ फंस गया। सोमवार को जब टीम मौके पर पहुंची तो पिंजरे में तेंदुआ नजर आया। नर तेंदुए की उम्र 4 साल है। जिसे वन विहार नेशनल पार्क में भेजा गया था। यहां से उसे मंगलवार को रातापानी सेंचुरी में भेज दिया गया।
कुत्तों का शिकार कर चुका तेंदुआ
बता दें कि तेंदुए के मूवमेंट के बाद वन विभाग ने ट्रैप कैमरे और पिंजरा लगाया था। वहीं, एडवायजरी भी जारी की थी। जिसमें लोगों को रात में घर से अकेले बाहर न निकलने की समझाइश दी गई थी। तेंदुए के मूवमेंट के चलते रहवासियों में भी दहशत का माहौल था। वह कई कुत्तों का शिकार भी कर चुका था।
कुत्तों का शिकार कर चुका तेंदुआ
बता दें कि तेंदुए के मूवमेंट के बाद वन विभाग ने ट्रैप कैमरे और पिंजरा लगाया था। वहीं, एडवायजरी भी जारी की थी। जिसमें लोगों को रात में घर से अकेले बाहर न निकलने की समझाइश दी गई थी। तेंदुए के मूवमेंट के चलते रहवासियों में भी दहशत का माहौल था। वह कई कुत्तों का शिकार भी कर चुका था।