World Mental Health Day 2024: दुनिया भर में 10 अक्टूबर को वर्ल्ड मेंटल हेल्थ-डे मनाया जाता है। इस मौके पर हम मध्य प्रदेश में मानसिक स्वास्थ से जुड़े मामलों पर गौर करते हैं। साथ ही, जानते हैं- कैसे मेंटल हेल्थ पॉजिटिव रखकर सेहतमंद रहा जा सकता है।
World Mental Health Day : कभी-कभी लोगों जीवन की रफ्तार इतनी तेज हो जाती है कि वो अपने मन की आवाज सुनना ही भूल जाते हैं। इससे धीरे-धीरे तनाव, चिंता, उदासी और इंजाइटी जैसी समस्याओं के शिकार हो जाते हैं। इन सभी समस्याओं का गहरा असर हमारी मेंटल हेल्थ पर पड़ता है। इसलिए इस गंभीर समस्या के प्रति कुछ सावधानियां बरतते हुए जागरूक रहना बेहद जरूरी है।
मध्य प्रदेश की कुल जनसंख्या 8 करोड़ के आसपास है। मौजूदा सर्वे रिपोर्ट्स पर गौर करें तो आबादी का बड़ा हिस्सा लगभग यानी लगभग 1 करोड़ लोग मेंटल हेल्थ से ग्स्त हैं। इससे भी बड़ा और हैरान कर देने वाला दावा ये भी है कि इतने अधिक पीड़ितों में से सवा करोड़ में से 75 से 85 फीसदी मानसिक रोगी आज भी मेंटल हेल्थ केयर तक नहीं पहुंचते। ये बैहद चौंकाने वाली बात है पर राज्य की 15 से 20 फीसदी आबादी किसी न किसी समस्या से ग्रस्त होकर मानसिक जटिलताओं से जूझ रही है।
साल 2015 -16 में आखिरी बार हुए नेशनल मेंटल हेल्थ सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाओं की स्थिति अन्य राज्यों की अपेक्षा बहुत खराब है। इस सर्वे में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाओं के मामले में मध्य प्रदेश को 10 अंक में से 2 अंक मिले थे।
प्रदेश में DMHP कार्यक्रम 1997 -98 में NMHP (राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम) के तहत साल 1996 में शुरू किया गया था। जिसका उद्देश्य था कि प्रदेश के सभी जिलों में कम्युनिटी लेवल पर मेंटल हेल्थ की सुविधाएं पहुंच सकें। इसके लिए इनफार्मेशन-एजुकेशन -कम्युनिकेशन का मॉडल , आउटरीच सर्विसेज बढ़ाना( यानि मरीजे के घर तक पहुंचना), ट्रेनिंग देना शुरु किया गया था। वर्तमान में MP के 55 में से 45 जिलों में फिलहाल जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम चल रहा है ।
-तनाव से दूर रहने के लिए खुलकर हंसे और खुश रहें।
-अपनी दिनचर्या में मेडिटेशन को भी शामिल करें।
-संगीत भी आपको ख़ुशी देने अहम भूमिका निभाता है, हर दिन अपनी पंसद का गाना सुनें।
-अपनी डाइट में ताजे फल, सब्जियां, नट्म,ड्राई फ्रुट्स जैसी चीजें शामिल करें।
-पानी भी भरपूर पिएं, धूम्रपान का त्याग करें और शराब का सेवन न करें।
-एक्प्ररसाडइज से भी तनाव को कम किया जा सकता है।
-पर्याप्त नींद लें,जल्दी सोने की आदत डालें और सुबह जल्दी उठें।