
Bhopal news: 'विश्व सांख्यिकी दिवस' के अवसर पर भोपाल के विकास और सुशासन की एक नई तस्वीर सामने आई है। शहर में जनगणना-2027 के प्रथम चरण के तहत संपन्न हुई 30 दिवसीय 'आवास गणना' केवल एक पारंपरिक सरकारी प्रक्रिया नहीं रही, बल्कि इसने भविष्य के 'स्मार्ट भोपाल' की मजबूत नींव रख दी है। कर्मचारियों ने घर-घर जाकर चॉक और मोबाइल ऐप के जरिए जो डेटा जुटाया है, वह शहर के हर मकान को दुनिया के नक्शे पर एक 'यूनिक डिजिटल आइडेंटिटी' (डिजिटल एड्रेस) प्रदान करने जा रहा है। आवास गणना के अंतिम आंकड़ों के अनुसार, भोपाल के कुल 3,285 हाउस होल्ड ब्लॉक्स में शत-प्रतिशत सर्वे पूरा कर लिया गया है। कागजी कार्रवाई के बजाय मोबाइल ऐप से एकत्र यह रियल-टाइम डेटा भोपाल को डिजिटल और सुव्यवस्थित शहर बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।
इस डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर भविष्य में शहरी सुविधाओं की योजना बनाने और जरूरत के अनुसार संसाधनों का वितरण करने में मदद मिल सकेगी। आवासीय क्षेत्रों की पहचान स्पष्ट होने से नगर निगम और अन्य सरकारी विभागों के बीच समन्वय बेहतर बनाने की संभावना है। साथ ही, एकत्र किए गए आंकड़े सड़क, पानी, बिजली और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की योजना तैयार करने में उपयोगी साबित हो सकते हैं।
कुल जनगणना मकानः शहर में कुल 7,40,923 जनगणना मकान दर्ज किए गए हैं, जो अनुमानित लक्ष्य (7.38 लाख) से अधिक हैं।
आवास और परिवारः इनमें से 5,23,328 मकानों में लोग निवास कर रहे हैं, जबकि कुल 5,39,320 परिवारों का प्रामाणिक डेटाबेस तैयार हुआ है।
अन्य उपयोग व खाली मकानः शहर में 1,18,159मकान खाली पाए गए हैं और 7,622 मकानों में ताला लगा मिला। वहीं 1,08,991 भवनों का उपयोग व्यावसायिक या अन्य कार्यों के लिए हो रहा है।