भोपाल

भोपाल में हर घर का होगा डिजिटल एड्रेस, 7.40 लाख मकानों को मिलेगी ‘यूनिक डिजिटल आईडी’

World Statistics Day: भोपाल में जनगणना-2027 के प्रथम चरण में 30 दिवसीय आवास गणना पूरी हुई, जिसमें 7.40 लाख मकानों की डिजिटल मैपिंग की गई।
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Oct 20, 2026
मकानों की यूनिक डिजिटल आइडी, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- magnific)
मकानों की यूनिक डिजिटल आइडी, प्रतिकात्मक फोटो (Photo Source- magnific)

Bhopal news: 'विश्व सांख्यिकी दिवस' के अवसर पर भोपाल के विकास और सुशासन की एक नई तस्वीर सामने आई है। शहर में जनगणना-2027 के प्रथम चरण के तहत संपन्न हुई 30 दिवसीय 'आवास गणना' केवल एक पारंपरिक सरकारी प्रक्रिया नहीं रही, बल्कि इसने भविष्य के 'स्मार्ट भोपाल' की मजबूत नींव रख दी है। कर्मचारियों ने घर-घर जाकर चॉक और मोबाइल ऐप के जरिए जो डेटा जुटाया है, वह शहर के हर मकान को दुनिया के नक्शे पर एक 'यूनिक डिजिटल आइडेंटिटी' (डिजिटल एड्रेस) प्रदान करने जा रहा है। आवास गणना के अंतिम आंकड़ों के अनुसार, भोपाल के कुल 3,285 हाउस होल्ड ब्लॉक्स में शत-प्रतिशत सर्वे पूरा कर लिया गया है। कागजी कार्रवाई के बजाय मोबाइल ऐप से एकत्र यह रियल-टाइम डेटा भोपाल को डिजिटल और सुव्यवस्थित शहर बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।

इस डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर भविष्य में शहरी सुविधाओं की योजना बनाने और जरूरत के अनुसार संसाधनों का वितरण करने में मदद मिल सकेगी। आवासीय क्षेत्रों की पहचान स्पष्ट होने से नगर निगम और अन्य सरकारी विभागों के बीच समन्वय बेहतर बनाने की संभावना है। साथ ही, एकत्र किए गए आंकड़े सड़क, पानी, बिजली और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की योजना तैयार करने में उपयोगी साबित हो सकते हैं।

7.40 लाख मकानों की डिजिटल मैपिंग

कुल जनगणना मकानः शहर में कुल 7,40,923 जनगणना मकान दर्ज किए गए हैं, जो अनुमानित लक्ष्य (7.38 लाख) से अधिक हैं।
आवास और परिवारः इनमें से 5,23,328 मकानों में लोग निवास कर रहे हैं, जबकि कुल 5,39,320 परिवारों का प्रामाणिक डेटाबेस तैयार हुआ है।
अन्य उपयोग व खाली मकानः शहर में 1,18,159मकान खाली पाए गए हैं और 7,622 मकानों में ताला लगा मिला। वहीं 1,08,991 भवनों का उपयोग व्यावसायिक या अन्य कार्यों के लिए हो रहा है।

डेटा से आसान होगी आम नागरिक की जिंदगी

  1. इमरजेंसी सेवाओं में सटीकताः यूनिक लोकेशन नंबर के जरिए एम्बुलेंस, पुलिस और फायर ब्रिगेड बिना रास्ता भटके सीधे आपके दरवाजे तक पहुंच सकेंगी।
  2. ड्रोन और ई-कॉमर्स डिलीवरीः यह डिजिटल नंबर भविष्य की ड्रोन डिलीवरी और ई-कॉमर्स पार्सल को पिन-पॉइंट लोकेशन पर तेजी से पहुंचाएगा।
  3. सटीक शहरी नियोजनः किस इलाके में आबादी का कितना घनत्व है। सीवरेज, पेयजल, बिजली और सड़कों का इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर बनेगा।
  4. पारदर्शिताः संपत्ति के मालिकाना हक के रिकॉर्ड में पारदर्शिता आएगी और डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन जैसी निगम सेवाओं की रियल-टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी।
Updated on:
20 Oct 2026 07:32 am
Published on:
20 Oct 2026 07:32 am