भोपाल

विश्व कछुआ दिवस: सौभाग्य, समृद्धि का प्रतीक कछुआ लक्ष्मी जी को करता है आमंत्रित, लोग हैं दीवाने

World Turtle Day 2025: आज विश्व कछुआ दिवस मनाया जा रहा है। कुछ लोग इसे सौभाग्य और समृद्धि के साथ ही बुद्धिमानी का प्रतीक भी मानते हैं, उनकी धारणा है कि कछुआ मां लक्ष्मी को आमंत्रित करता है, यही कारण है कि लोगों में कछुओं को लेकर खासी दिवानगी देखी जा सकती है... मध्य प्रदेश में यहां है कछुओं का इकलौता मनपसंद घर...
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Updated: 23 May 2025, 8:08 AM IST
World Turtle Day 2025
World Turtle Day 2025- पत्रिका फाइल फोटो

World Turtle Day 2025: आज विश्व कछुआ दिवस है। कछुओं को सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। कुछ लोग बुद्धिमानी का प्रतीक भी मानते हैं। इसलिए लोगों में कछुओं के प्रति दीवानगी बढ़ रही है। उनके अनोखे रूप, पर्यावरण के लिए महत्व और सांस्कृतिक महत्व के कारण कछुओं को सम्मान के रूप में देखा जाता है। राजधानी के वन विहार में प्रदेश का इकलौता कछुआ प्रजनन केंद्र भी है। जहां देशी और विदेशी किस्म के 70 से अधिक कछुए पले हैं। इनका वजन 50 किलो से लेकर सौ ग्राम तक है।

10 से ज्यादा किस्में

वन विहार में वन्य प्राणियों के साथ ही कछुओं के सेंटर में 10 किस्मों के 70 से अधिक कछुए हैं। 30 पहाड़ी कछुए भी हैं। जिनका जमीन पर ही रहवास है। ये शाकाहारी होते हैं। इन्हें सब्जियां खिलाई जाती हैं।

कछुओं की ब्रीडिंग भी

वन विहार को कछुओं के ब्रीडिंग सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। हाल में ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यहां के कुछ कछुओं को नेचुरल आवास में छोड़कर इनकी प्रजाति बढ़ाने के लिए भी कहा था।

दक्षिण अफ्रीका का भी कछुआ

वन विहार में दक्षिण अफ्रीका में पाए जाने वाले सलकटा प्रजाति के छह कछुए भी हैं। वन विभाग ने इन्हें तस्करी में पकड़ा था। यहां 50 किलो वजन का पातक प्रजाति का कछुआ भी है। जिसे शाहजंहानाबाद से रेस्क्यू कर लाया गया था।

कछुओं को वन विहार से मिली नई पहचान

प्रदेश में कछुओं के लिए वन विहार से नई पहचान मिलेगी। यहां सेंटर विकसित किया गया है। यहां कछुओं के अनुकूल आवास व्यवस्था है।

अवधेश मीणा, पूर्व डायरेक्टर, वन विहार


Updated on:
23 May 2025, 8:08 AM IST
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