भोपाल

आंवला वृक्ष की पूजा अर्चना कर लगाई परिक्रमा, आंवले की छांव में बैठकर किया भोजन

- श्रद्धा भक्ति से मनाई आंवला नवमी, आंवला वृक्ष की हुई पूजाभोपालआंवला नवमी का पर्व शनिवार को श्रद्धा भक्ति के साथ मनाया गया। इस मौके पर शहर में जगह-जगह महिलाओं ने आंवले के वृक्ष की परिक्रमा की गई, और पूजा अर्चना की। महिलाओं ने एक दूसरे को आंवला नवमी की बधाई दी।
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Nov 13, 2021
आंवला वृक्ष की पूजा अर्चना कर लगाई परिक्रमा, आंवले की छांव में बैठकर किया भोजन
आंवला वृक्ष की पूजा अर्चना कर लगाई परिक्रमा, आंवले की छांव में बैठकर किया भोजन


शहर में अनेक स्थानों पर आंवला नवमी पर आयोजन किए गए। आंवला नवमी के दिन आंवले के वृक्ष की पूजा और परिक्रमा करने के साथ इसके नीचे बैठकर खाना खाने का विशेष महत्व है। आंवले के सेवन का सिलसिला इसी दिन आंवले की पूजा के साथ होता है।
इसी परम्परा का निर्वाह करते हुए शहर में अनेक स्थानों पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से एकत्रित होकर पूजा अर्चना की। ब्राह्मण एकता अस्मिता सहयोग और संस्कार मंच महिला इकाई द्वारा चिनार पार्क में अक्षय नवमी पूजन विधान /मिलन समारोह आयोजित किया गया । इस मौके पर विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की। महिलाओं ने एक दूसरे को आंवला नवमी की बधाई दी। महिलाओं ने हाऊजी सहित मनोरंजक खेल खेले। इसके बाद आंवला वृक्ष के नीचे बैठकर भोजन किया।

इस मौके पर वंदना मिश्रा, संगीता उपाध्याय, वरूणा रिछारिया, संध्या मिश्रा सहित अनेक महिलाएं उपस्थित थी। इसी प्रकार एमपी नगर स्थित गायत्री शक्तिपीठ में आंवला नवमी पर अनेक महिलाओं ने शक्तिपीठ में स्थित आंवले के वृक्ष की पूजा अर्चना और परिक्रमा की। इस मौके पर महिलाएं अपने घरों से यहां टिफिन लेकर पहुंची थी। महिलाओं ने आंवले के वृक्ष के नीचे बैठकर भोजन भी किया। इसी तरह शहर में अन्य स्थानों पर भी आयोजन हुए।

आयुष्य और आरोग्य के लिए होती है पूजा
पंडितों का कहना है कि इसे अक्षय नवमी भी कहा जाता है, और आंवले को अक्षय वृक्ष भी कहा जाता है। आंवला नवमी के दिन आंवले की पूजा का विशेष विधान है। इसे अमृत फल भी कहते हैं। आंवला सेवन की शुरुआत इसी दिन से होती है। इस दिन पूजा अर्चना करने से संतान के आयुष्य और आरोग्य में वृद्धि होती है।

आंवला वृक्ष की परिक्रमा कर की कोरोना मुक्ति की प्रार्थना
नव उद्भव संस्था की ओर से स्वर्ण जयंती पार्क में आंवला नवमी के अवसर पर आंवले के वृक्ष की पूजा अर्चना कर विश्व में फैली कोरोना महामारी से मुक्ति की कामना की । इस मौके पर महिला सदस्यों ने प्रकृति की गोद में खूब आनंद लिया ।बचपन के खेल, खेलकर बचपन की यादें ताजा की । संस्था की अध्यक्ष रोहिणी शर्मा ने बताया कि हम सभी को प्रकृति के संरक्षण के तत्पर रहना चाहिए । इस मौके अर्चना डफाडे , स्मिता पराते , स्मिता नागरिकर ,सपना पारासर , वंदना कौशल सहित अनेक महिलाएं उपस्थित थी।

Published on:
13 Nov 2021 11:34 pm